haribhoomi hindi news
CBSE ने 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल पास प्रतिशत बढ़कर 93.70% पहुंचा है। त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा टॉप पर रहे।

CBSE 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बुधवार को कक्षा 10वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस साल के नतीजे छात्रों के लिए बेहद उत्साहजनक रहे हैं, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर पास प्रतिशत में पिछले साल के मुकाबले सुधार दर्ज किया गया है। छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइटों- results.cbse.nic.in, cbse.nic.in के साथ-साथ DigiLocker और UMANG ऐप पर भी देख सकते हैं। इसके अलावा, बोर्ड ने स्कूलों को उनके ईमेल पते पर भी परिणाम उपलब्ध कराए हैं।

93.70% रहा पास प्रतिशत
CBSE द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस साल 10वीं का कुल पास प्रतिशत 93.70% रहा है। यह 2025 के 93.66% के मुकाबले मामूली रूप से अधिक है। बोर्ड का मानना है कि यह वृद्धि छात्रों की 'कंपीटेंसी बेस्ड असेसमेंट' (Competency-based assessment) के प्रति बेहतर तैयारी को दर्शाती है। नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत इस साल दो बार बोर्ड परीक्षाओं का प्रारूप पेश किया गया था, जिसमें पहले चरण की परीक्षा 17 फरवरी से 10 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी।

क्षेत्रवार आंकड़े: त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा अव्वल
सांख्यिकी के नजरिए से देखें तो इस बार भी दक्षिण भारतीय क्षेत्रों का दबदबा कायम रहा। त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा ने 99.79% पास प्रतिशत के साथ देश में टॉप किया है। इसके बाद चेन्नई 99.58% के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, संस्थानों की बात करें तो केंद्रीय विद्यालयों (KV) ने 99.57% पास दर के साथ सभी शिक्षण संस्थानों को पीछे छोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने छात्रों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को रोकने के लिए कोई आधिकारिक मेरिट लिस्ट या फर्स्ट-सेकंड डिवीजन की घोषणा नहीं की है।

मूल्यांकन में बड़ा बदलाव
नतीजों के साथ ही CBSE ने मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। बोर्ड 2026 की 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) प्रणाली शुरू करने जा रहा है। इसके तहत स्कैन की गई कॉपियों की जांच कंप्यूटर पर की जाएगी, जिससे अंकों के मिलान (Totalling) में होने वाली मानवीय गलतियां खत्म हो जाएंगी। हालांकि, 10वीं की कॉपियों का मूल्यांकन फिलहाल पुरानी फिजिकल पद्धति से ही जारी रहेगा।

दुनियाभर के 31,000 स्कूलों में हुई थी परीक्षा
इस साल CBSE की बोर्ड परीक्षाओं में भारत और विदेशों के 26 देशों में स्थित 31,000 से अधिक संबद्ध स्कूलों के लगभग 46 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया। यह परीक्षाएं देशभर के 8074 केंद्रों पर आयोजित की गई थीं। बोर्ड ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से न केवल मूल्यांकन में तेजी आएगी, बल्कि इसमें ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी, जिससे समय पर और सटीक परिणाम जारी किए जा सकेंगे।

7