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जानें जानें कहां तक पढ़ें हैं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, नेता नहीं बनना चाहते थे ये

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता से पहले और बाद में भी अपना जीवन देश और देशवासियों के उत्थान एवं कल्याण के लिए दिया है।

जानें जानें कहां तक पढ़ें हैं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, नेता नहीं बनना चाहते थे ये

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता से पहले और बाद में भी अपना जीवन देश और देशवासियों के उत्थान एवं कल्याण के लिए दिया है।

अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक करियर बहुत लंबा रहा है। वे 3 बार भारत के प्रधानमंत्री बने, 2 बार राज्यसभा सांसद और 9 बार लोकसभा सांसद भी रहे हैं। वे हिन्दी कवि, पत्रकार और अच्छे वक्ता भी रहे हैं।

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अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ब्राह्मण परिवार में 25 दिसंबर 1924 को हुआ है। उनका भारतीय स्वतंत्रता-आंदोलन में सक्रिय योगदान रहा और वे 18 साल की उम्र में जेल गए।

अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न के साथ पद्म विभूषण, बांग्लादेश लिबरेशन वार सम्मान भारत रत्न पंडित गोविंद वल्लभ पंत, डॉक्टर ऑफ लेटर, लोकमान्य तिलक पुरस्कार सहित कई पुरस्कारों से नवाजा गया है।

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अटल बिहारी वाजपेयी की शिक्षा

अटल बिहारी की प्रारंभिक शिक्षा उनके निवास स्थान ग्वालियर से ही है और उन्होंने विक्टोरिया (अब लक्ष्मीबाई) कॉलेज स्नातक की पढ़ाई की है। वे स्नातक की पढ़ाई करने के बाद आगे की पढाई के लिए कानपुर गए।

उन्होने कानपुर के डीएवीवी कॉलेज से इकोनोमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा होते ही उनकी रुची वकालत करने की होने लगी। उन्होंने एलएलबी में एडमिशन ले लिया।

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