Logo
US-Iran-Israel war: इज़राइल-अमेरिका द्वारा ईरान पर हवाई हमले के बाद एक बार फिर सोने और चांदी की कीमतों में आग लग सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एमसीएक्स पर गोल्ड 1.70 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार जा सकती है।

US-Iran-Israel war: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अब सर्राफा बाजार पर साफ दिख रहा। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ती तनातनी और मिसाइल हमलों की खबरों की वजह से सोना-चांदी की कीमतों में आग लग सकती है। निवेशक सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं और यही वजह है कि कीमती धातुओं के दाम एक बार फिर जनवरी के उच्च स्तर के करीब पहुंचने की तैयारी में हैं।

रणनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पूरा फोकस ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर है। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं पर कड़ा रुख अपनाया है। वॉशिंगटन ने नए प्रतिबंध भी लगाए हैं। इससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है और सोना-चांदी में 'रिस्क प्रीमियम' जुड़ गया है।

गोल़्ड की चमक भी बढ़ेगी
कॉमेक्स पर 28 फरवरी सुबह 9:33 बजे तक स्पॉट सिल्वर 7.85% उछलकर 93.82 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया जबकि सोना 5296 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था। हालांकि शुक्रवार को एमसीएक्स पर मुनाफावसूली के चलते दोनों धातुएं हल्की गिरावट के साथ बंद हुई थीं।

चांदी फिर से 3 लाख के पार जा सकती
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च एवीपी वंदना भारती के मुताबिक, एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोना शॉर्ट टर्म में 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता। वहीं चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर छू सकती। उनका कहना है कि जब दुनिया अस्थिर लगती है तो सोना तेजी से ऊपर जाता है क्योंकि इसे सुरक्षित निवेश माना जाता। चांदी भी उसके साथ चलती है, लेकिन उसमें उतार-चढ़ाव थोड़ा ज्यादा रहता है, क्योंकि उसकी इंडस्ट्रियल मांग भी होती है।

जनवरी 29 को सोने ने 5500 डॉलर प्रति औंस का ऐतिहासिक स्तर छुआ था। वहीं चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार चली गई थी। इसके बाद फरवरी में दोनों धातुओं में तेज गिरावट आई और बाजार करेक्शन में चला गया। 24 फरवरी को वैश्विक टैरिफ पर अदालत के फैसले के बाद चांदी तीन हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंची थी, हालांकि व्हाइट हाउस ने टैरिफ दर 15% तक बढ़ाने के संकेत दिए थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में बाजार की पहली प्रतिक्रिया भावनात्मक होती है। खबर आते ही निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने-चांदी की ओर भागते हैं। बाद में अगर तनाव कम होता है तो दाम भी नरम पड़ सकते हैं। यानी, शुरुआती तेजी तेज और अचानक होती है।

इसके अलावा अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ में गिरावट और साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़ों का इंतजार भी सोने को सपोर्ट दे रहा है। अगर फेड ब्याज दरों में कटौती करता है तो यह भी कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक रहेगा।

कुल मिलाकर, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक संकेतक मिलकर सोना-चांदी में नई हलचल पैदा कर रहे हैं। सोमवार को बाजार खुलते ही तेज और उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिल सकता है।

(प्रियंका कुमारी)

5379487