UPI vs debit cards: आजकल कैफे, दुकान या ऑनलाइन पेमेंट करते समय ज्यादातर लोग बिना ज्यादा सोचे यूपीआई से पेमेंट कर देते। न कार्ड देना पड़ता है, न मशीन पर पिन डालना होता। सब कुछ आसान लगता लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या UPI वाकई डेबिट कार्ड से ज्यादा सुरक्षित है, या सिर्फ ज्यादा आसान है?
इसका सीधा जवाब है कि यूपीआई आमतौर पर रोजमर्रा के खर्च के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसका कारण थोड़ा अलग। दरअसल, दोनों सिस्टम सुरक्षित हैं, फर्क सिर्फ इस बात का है कि इनमें जोखिम कहां और कैसे सामने आता है।
यूपीआई में डेटा चोरी का खतरा कम रहता
UPI में आपकी बैंक डिटेल्स सीधे सामने नहीं आतीं। आप व्यापारी को अपना अकाउंट नंबर या कार्ड डिटेल्स नहीं देते। हर पेमेंट आपके मोबाइल ऐप के जरिए पिन या बायोमेट्रिक से ऑथराइज होता है। इससे डेटा चोरी या स्किमिंग का खतरा कम हो जाता।
डेबिट कार्ड से डेटा लीक हो सकता
वहीं, डेबिट कार्ड से पेमेंट करते समय हर बार आपके कार्ड की जानकारी मशीन और पेमेंट नेटवर्क से गुजरती। ज्यादातर समय यह सुरक्षित रहता है, लेकिन अगर पीओएस मशीन में गड़बड़ी हो या डेटा लीक हो जाए, तो खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, UPI में जोखिम एक अलग तरह का होता है। यहां ज्यादातर धोखाधड़ी सिस्टम को हैक करने से नहीं, बल्कि लोगों को बहला-फुसलाकर होती।
जैसे फर्जी 'कलेक्ट रिक्वेस्ट', गलत क्यूआर कोड या कॉल करके रिफंड के नाम पर पिन डालने को कहना। यानी सिस्टम सुरक्षित है, लेकिन यूजर की गलती बड़ा नुकसान कर सकती है।
डेबिट कार्ड में तकनीकी फ्रॉड ज्यादा
दूसरी तरफ, डेबिट कार्ड फ्रॉड ज्यादा तकनीकी होता है। जैसे कार्ड क्लोनिंग, स्किमिंग या डिटेल्स लीक होने के बाद बिना आपकी जानकारी के ट्रांजैक्शन हो जाना। इसमें यूजर की सीधी गलती कम होती है, लेकिन नुकसान बड़ा हो सकता।
एक और फर्क व्यवहार से जुड़ा है। UPI का इस्तेमाल आमतौर पर छोटे-छोटे और बार-बार होने वाले पेमेंट के लिए होता है, जिससे अगर कोई गलती हो भी जाए तो नुकसान सीमित रहता है। वहीं डेबिट कार्ड का इस्तेमाल अक्सर बड़े पेमेंट या एटीएम से पैसे निकालने में होता है, जहां एक बार की गलती भारी पड़ सकती है।
UPI की एक कमजोरी यह भी है कि इसकी तेजी और आदत के कारण लोग बिना जांचे-परखे पेमेंट कर देते हैं। कई बार लोग जल्दी में गलत रिक्वेस्ट भी मंजूर कर देते हैं।
किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
रोजमर्रा के खर्च के लिए UPI बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह तेज है और आपकी जानकारी को ज्यादा सुरक्षित रखता है। लेकिन इसकी सुरक्षा पूरी तरह आपकी सतर्कता पर निर्भर करती है। डेबिट कार्ड अभी भी जरूरी है, खासकर एटीएम या जहां UPI स्वीकार नहीं होता। लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी है। आखिर में बात एक ही है कि पेमेंट का तरीका कोई भी हो, सबसे जरूरी है सतर्क रहना। एक छोटी सी गलती बड़ा नुकसान कर सकती है।
(प्रियंका कुमारी)