केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात को लेकर बड़ा फैसला लिया। वाणिज्य मंत्रालय के तहत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने नई अधिसूचना जारी कर 15 बैंकों को बुलियन (सोना-चांदी) आयात करने की अनुमति दी। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका और 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगा।
डीजीएफटी ने बताया कि यह बदलाव फॉरेन ट्रेड पॉलिसी 2023 के प्रावधानों के तहत किया गया। इसके तहत हैंडबुक ऑफ प्रोसीजर 2023 के एपेंडिक्स 4B में संशोधन किया गया है, जिससे आयात प्रक्रिया को बेहतर किया जा सके।
15 बैंकों को गोल्ड आयात करने की मंजूरी
सरकार द्वारा जिन 15 बैंकों को सोना और चांदी दोनों के आयात की अनुमति दी गई है, उनमें एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, डॉयचे बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, करूर वैश्य बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आरबीएल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक शामिल हैं। इसके अलावा, 2 बैंकों को केवल सोना आयात करने की अनुमति दी गई। इनमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और SBER बैंक शामिल हैं।
गोल्ड इंपोर्ट में आएगी तेजी
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में बुलियन आयात में देरी की खबरें सामने आ रही थीं। बताया जा रहा था कि बैंक नई सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रहे थे, जिससे आयात प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। अब नई सूची जारी होने के बाद आयात में तेजी आने की उम्मीद है।
इस फैसले का असर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है, खासकर ऐसे समय में जब अक्षय तृतीया का त्योहार नजदीक है। इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी, जिसे सोना खरीदने के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह त्योहार हर साल ज्वेलरी बाजार की कुल बिक्री में 15 से 20 फीसदी तक योगदान देता। चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट आमिर मकदा का कहना है कि हाल के दिनों में सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है, जिससे खरीदारों के लिए यह अच्छा मौका बन सकता है।
सरकार के इस कदम से जहां आयात प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, वहीं बाजार में सोने-चांदी की उपलब्धता भी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे त्योहार के दौरान ग्राहकों को भी राहत मिल सकती है।
(प्रियंका कुमारी)









