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IPO से पहले Skyways Air Services पर ₹480 करोड़ के कथित घोटाले का आरोप। दिल्ली EOW ने UK की PG Paper Company की शिकायत पर FIR दर्ज की। जानें पूरा मामला और कंपनी का बयान।

Skyways Air Services fraud Case: आईपीओ की तैयारी कर रही Skyways Air Services Ltd पर सार्वजनिक निर्गम (public issue) से ठीक पहले गंभीर आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा यानी Economic Offences Wing ने कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई UK स्थित PG Paper Company Limited की शिकायत के आधार पर की गई है।

शिकायत में करीब 480 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है, जिसमें नौ कंपनियों और कुछ व्यक्तियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए
FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता, धन शोधन निवारण कानून और विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून के तहत अपराधों का आरोप लगाया है। आरोप है कि Skyways समूह की सहयोगी कंपनियों ने कथित तौर पर इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाई।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि शिपमेंट बुकिंग में हेरफेर किया गया और बाजार दर से अधिक मालभाड़ा वसूला गया। साथ ही रिश्वत, गलत प्रस्तुति, गबन और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

एक अधिकारी पर भी पद का दुरुपयोग कर आरोपित कंपनियों के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया गया है।

कंपनी ने क्या कहा?
Skyways Air Services ने बयान जारी कर कहा कि जब कंपनी ने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास दाखिल किया था, उस समय यह FIR दर्ज नहीं हुई थी।

कंपनी का कहना है कि अब वह इस मामले का उल्लेख अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में करेगी। साथ ही यह भी कहा गया कि मामला जांच के अधीन है और कंपनी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।

IPO से पहले जुटाई पूंजी
कंपनी ने हाल ही में प्री IPO प्लेसमेंट के तहत करीब 40 लाख से अधिक इक्विटी शेयर 120 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किए थे। इससे लगभग 48 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई। कंपनी ने संकेत दिया है कि ताजा IPO के आकार में अब उसी के अनुरूप संशोधन किया जाएगा।

जांच जारी, बाजार की नजर
मामला फिलहाल जांच के अधीन है। IPO से पहले इस तरह के आरोप सामने आने से निवेशकों की नजर अब जांच की प्रगति और नियामक कार्रवाई पर टिकी है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह विवाद कंपनी के सार्वजनिक निर्गम पर कितना असर डालता है।

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