पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार को बाजार की शुरुआत ही भारी गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार को बाजार की शुरुआत ही भारी गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।

प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स करीब 2000 अंक तक लुढ़क गया। हालांकि, शुरुआती कारोबार में थोड़ी रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन गिरावट बरकरार रही। सेंसेक्स 1640.47 अंक यानी 2.14% गिरकर 75,063.66 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, निफ्टी भी दबाव में रहा। 50 शेयरों वाला निफ्टी 496.35 अंक यानी 2.09% की गिरावट के साथ 23,281.45 पर ट्रेड करता दिखा।

क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ऊर्जा सेक्टर पर हमलों ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है। तेल और गैस की कीमतों में तेजी से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर इक्विटी मार्केट पर पड़ा है।

किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर?
इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों पर देखा जा रहा है। निवेशक फिलहाल सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ गई है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।