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PM Kisan Samman Nidhi: पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार योजना के लाभार्थियों को बैंक खातों की केवायसी पूरी करना आवश्यक है। तभी उन्हें कैश ट्रांसफर का फायदा मिलेगा। 

PM Kisan Samman Nidhi: मोदी सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) से जुड़कर देशभर के करोड़ों किसान लाभ उठा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत 2-2 हजार रुपए की तीन किश्तों में 6000 रुपए की आर्थिक मदद डीबीटी के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर, 2023 को किसान सम्मान निधि योजना के तहत योग्य किसानों को 15वीं किस्त जारी की थी। अब 28 फरवरी को पीएम किसान की 16वीं किस्त (PM Kisan 16th installment) जारी होगी।

दूसरी ओर, अब तक हजारों किसानों ने eKYC पूरी नहीं की है। PM Kisan Samman योजना में इनकी 16वीं किस्त अटक सकती है। पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, मोदी सरकार फरवरी के अंत तक लाभार्थियों के खाते में 2000 हजार रुपए ट्रांसफर करने की तैयारी कर चुकी है।

किसान ऐसे पूरी करें E-केवायसी की प्रोसेस
केंद्र सरकार पीएम किसान के लाभार्थी किसानों की केवायसी प्रोसेस पर विशेष जोर दे रही है। इसके लिए रजिस्टर्ड किसान पीएम किसान पोर्टल https://pmkisan.gov.in/ पर ओटीपी आधारित eKYC का इस्तेमाल कर सकते हैं या बायोमेट्रिक आधारित eKYC के लिए नजदीकी सीएससी सेंटर से संपर्क सकते हैं। इसी पोर्टल पर आपको नए रजिस्ट्रेशन और स्टेटस पता करने की सुविधा भी मिलेगी। 

नवंबर में पीएम मोदी ने जारी की थी 15वीं किस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 15वीं किस्त किसानों के बैंक खातों में भेजी थी। लेकिन कई किसान ऐसे हैं, जो योजना के लिए अपात्र होते हुए भी लाभ उठा रहे हैं। ऐसे किसानों को योजना में मिली रकम वापस लौटाने के लिए नोटिस भेजा गया है। अगर अपात्र किसान पैसा नहीं लौटाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। (अपात्र किसानों को लौटाने होंगे सम्मान निधि के पैसे, पढ़ें पूरी खबर...)

छोटे किसानों को खाद-बीज खरीदने के लिए मदद
बता दें कि PM Kisan Samman Nidhi योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से पिछड़े और छोटे किसानों को हर साल 3 किस्तों में कुल 6000 रुपए की मदद दी जाती है। जिससे वह उन्नत खेती के लिए खाद-बीज इत्यादि खरीद सकें और साहूकारों से कर्ज के जंजाल में न फंसें। यह योजना मोदी सरकार के द्वारा दिसंबर 2018 में शुरू की गई थी।

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