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Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच खुली जंग के ऐलान का बड़ा असर दिखने लगा है। पाकिस्तान का स्टॉक मार्केट हिल गया और शुक्रवार को केएसई-100 इंडेक्स करीब 2 फीसदी टूट गया। रक्षा मंत्री ने कहा कि अब खुली जंग है, जिससे बाजार में घबराहट बढ़ी।

Pakistan-Afghanistan War: अफगानिस्तान के साथ बढ़ते सैन्य टकराव का असर पाकिस्तान के शेयर बाजार पर साफ दिखने लगा। शुक्रवार को पाकिस्तान का बेंचमार्क केएसई-100 (KSE 100 Index) इंट्राडे कारोबार में करीब 2 फीसदी तक गिर गया। निवेशकों में घबराहट उस वक्त बढ़ी जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि अब अफगानिस्तान के साथ खुली जंग की स्थिति है।

इंडेक्स 3081 अंक गिरकर 165811.88 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी आई और दोपहर बाद यह 168062.17 पर कारोबार करता दिखा, जो करीब 0.5 प्रतिशत की गिरावट थी। बाजार में ऑटोमोबाइल, सीमेंट, कमर्शियल बैंक, उर्वरक और ऑयल-गैस एक्सप्लोरेशन सेक्टर के शेयरों में जमकर मुनाफावसूली हुई। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए तेजी से बिकवाली की।

रक्षा मंत्री आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान को उम्मीद थी कि नाटो सेनाओं की वापसी के बाद अफगानिस्तान में शांति आएगी और तालिबान अपनी ऊर्जा अफगानिस्तान के अवाम के भले और क्षेत्रीय स्थिरता पर लगाएगा। लेकिन अब सब्र खत्म हो चुका है, यह खुली जंग है।  

यह बयान ऐसे वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांत में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई अफगानिस्तान की तरफ से हुए सीमा पार हमलों के जवाब में की गई। उधर अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी हमलों की पुष्टि की। दोनों देशों के बीच तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब कुछ महीने पहले कतर और तुर्किये की मध्यस्थता से युद्धविराम कराया गया था। अब वह समझौता बेअसर दिख रहा ।

हानी के आंकड़ों को लेकर भी दोनों तरफ से अलग-अलग दावे किए गए हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें कुछ के शव अफगानिस्तान ले जाए गए। साथ ही कुछ सैनिकों को जिंदा पकड़ने का दावा भी किया गया। अफगान पक्ष के मुताबिक उसके आठ सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए।

अफगानिस्तान ने यह भी दावा किया कि उसने पाकिस्तान की 19 सैन्य चौकियां और दो ठिकाने तबाह कर दिए। उसका कहना है कि गुरुवार रात शुरू हुई यह झड़प करीब चार घंटे चली और आधी रात के आसपास थमी।

हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन इतना साफ है कि सीमा पर गोलाबारी अब बाजार की नसों तक पहुंच गई है। निवेशक डरे हुए हैं, और हालात काबू में नहीं आए तो अस्थिरता और बढ़ सकती है।

(प्रियंका कुमारी)

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