Closing Bell: शेयर बाजार ने मंगलवार को जोरदार वापसी की। दो दिन की भारी गिरावट के बाद निवेशकों की खरीदारी लौटी और बाजार करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 639.82 अंक (0.82%) चढ़कर 78205.98 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 960 अंक से ज्यादा उछलकर 78526.25 तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी-50 233.55 अंक (0.97%) बढ़कर 24261.60 पर बंद हुआ और 24250 के अहम स्तर के ऊपर टिक गया।
बाजार की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ग्लोबल मार्केट्स से मिले मजबूत संकेत रहे। इससे निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई और खरीदारी बढ़ी।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
निफ्टी 50 में श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और डॉक्टर रेड्डी लेब के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। ये शेयर करीब 5% तक चढ़े। वहीं दूसरी तरफ ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन और इंफोसिस में गिरावट रही और ये करीब 2% तक फिसल गए। मार्केट ब्रेड्थ भी मजबूत रही। करीब 2550 शेयरों में तेजी रही जबकि 832 में गिरावट और 142 शेयर बिना बदलाव के बंद हुए।
सेक्टर इंडेक्स का हाल
16 में से 14 सेक्टर इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। आईटी और ऑयल एंड गैस सेक्टर ही लाल निशान में रहे। वहीं ब्रॉडर मार्केट में भी अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.5% तक चढ़े।
गौरतलब है कि सोमवार को बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। उस दिन वोलैटिलिटी इंडेक्स 21 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया था, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गई थीं।
बाजार चढ़ने के बड़े कारण
कच्चे तेल में गिरावट: वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंड क्रूड करीब 5.18% गिरकर 93.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे बाजार को राहत मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य पूर्व में जारी तनाव कम होने की उम्मीद से तेल की कीमतों में गिरावट आई।
ग्लोबल मार्केट्स से सपोर्ट: एशियाई बाजारों में भी जोरदार तेजी रही। कोस्पी करीब 5 फीसदी चढ़ा जबकि निक्केई 225 2.5% ऊपर रहा। चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी हरे निशान में रहे। अमेरिका में भी पिछले सत्र में तेजी रही। नास्डैक कंपोजिट 308 अंक, S&P500 55 अंक और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 239 अंक चढ़कर बंद हुए।
इंडिया VIX में गिरावट: बाजार का डर मापने वाला इंडेक्स इंडिया विक्स 12 फीसदी गिरकर 20.48 पर आ गया। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। भारतीय मुद्रा भी संभली। भारतीय रुपया 7 पैसे मजबूत होकर 92.14 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
(प्रियंका कुमारी)