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1 अप्रैल से भारतीय शेयर में डेरिवेटिव सेगमेंट में बड़ा बदलाव हो जाएगा। फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग पहले के मुकाबले महंगी हो जाएगी। सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में 150 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। फ्यूचर्स ट्रेडर्स के लिए ब्रेकईवन दोगुना हुआ।

1 अप्रैल 2026 से शेयर बाजार के डेरिवेटिव सेगमेंट में बड़ा बदलाव लागू होगा। बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान किया था, जिसका असर अब ट्रेडर्स पर दिखेगा। सरकार का मकसद सट्टा आधारित ट्रेडिंग को घटाना है।

कितना बढ़ा एसटीटी
नए नियम के तहत फ्यूचर्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है, यानी करीब 150 फीसदी की बढ़ोतरी। वहीं ऑप्शंस प्रीमियम पर एसटीटी 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है, जो 50% की बढ़ोतरी है। इसका सीधा मतलब है कि अब ट्रेडिंग करना पहले से महंगा हो गया।

फ्यूचर्स ट्रेडर्स पर बड़ा असर
इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर फ्यूचर्स ट्रेडर्स पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर अगर निफ्टी-50 22845 पर है और लॉट साइज 65 है, तो पहले कुल चार्ज करीब 392 रुपये होता था, जिससे ब्रेकईवन करीब 6 पॉइंट्स पर बनता था। लेकिन अब यही चार्ज बढ़कर करीब 837 रुपये हो गया है, जिससे ब्रेकईवन करीब 13 पॉइंट्स पर पहुंच गया है। यानी ट्रेडर को अब लगभग दोगुना मूव पकड़ना होगा।

इसी तरह बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में ब्रेक ईवन 10.4 पॉइंट से बढ़कर 26 हो गया है जबकि बीएसई सेंसेक्स फ्यूचर्स में यह 15 पॉइंट से बढ़कर 37.5 पॉइंट हो गया।

ऑप्शंस में असर सीमित
ऑप्शंस ट्रेडर्स पर असर उतना बड़ा नहीं है, लेकिन छोटे-छोटे मूव (2-3 पॉइंट) अब ज्यादा फायदा नहीं देंगे। यानी छोटे स्कैल्प ट्रेड्स का फायदा कम हो जाएगा।

ट्रेडिंग पैटर्न बदलेगा
इस बदलाव के बाद ओवरट्रेडिंग महंगी हो जाएगी। कमजोर एंट्री और जल्दबाजी में किए गए ट्रेड नुकसान दे सकते। इससे बाजार में डिसिप्लिन बढ़ने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले से ट्रेडिंग वॉल्यूम में 20-30% की गिरावट आ सकती है। इससे ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ जाएगा। 

वहीं STT बढ़ने से विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भी कम हो सकती है, खासकर हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग करने वाले फंड्स पर इसका असर पड़ेगा। कुल मिलाकर, नए एसटीटी नियम से ट्रेडिंग का तरीका बदलेगा। अब बाजार में टिके रहने के लिए ज्यादा सोच-समझकर और रणनीति के साथ ट्रेड करना होगा।

(प्रियंका कुमारी)

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