Credit Score Tips: अक्सर लोग हर महीने ईएमआई भरने को सिर्फ एक खर्च मानते लेकिन यह छोटी-सी आदत आपके वित्तीय भविष्य को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाती। दरअसल, हर ईएमआई पेमेंट एक संकेत होता, जो बैंकों और लेंडर्स को बताता कि आप कर्ज चुकाने में कितने भरोसेमंद हैं। धीरे-धीरे यही छोटे संकेत मिलकर आपका क्रेडिट स्कोर बनाते हैं। यह कोई एक दिन में नहीं होता, बल्कि लगातार सही व्यवहार से तैयार होता है।
सबसे अहम फैक्टर होता है पेमेंट हिस्ट्री
अगर क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए एक ही चीज पर ध्यान देना हो, तो वह है, हर ईएमआई समय पर भरना। आपकी पेमेंट हिस्ट्री का आपके स्कोर पर सबसे ज्यादा असर पड़ता। एक भी EMI मिस होने पर स्कोर तेजी से गिर सकता है और इसका असर कई महीनों तक बना रह सकता। लेकिन अच्छी बात यह है कि इसका उल्टा भी उतना ही ताकतवर है। अगर आप लगातार समय पर ईएमआई भरते रहते हैं, तो आपका रिकॉर्ड मजबूत होता जाता है। इससे भविष्य में लोन लेना आसान हो जाता है और बेहतर ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ती है।
एक ईएमआई मिस करने का असर
कई बार लोग सोचते हैं कि एक-दो दिन की देरी से क्या फर्क पड़ेगा लेकिन हकीकत अलग है। थोड़ी सी देरी भी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज हो सकती है। शुरुआत में यह लेट पेमेंट के रूप में दिखता है, लेकिन अगर ऐसा बार-बार हो या देरी ज्यादा बढ़ जाए, तो यह डिफॉल्ट में बदल सकता है।
ऐसी स्थिति में आपका क्रेडिट स्कोर गिर जाता है लोन अप्रूवल मुश्किल हो जाता और ब्याज दरें भी बढ़ सकती हैं। सबसे बड़ी बात, इसे ठीक करने में काफी समय लगता है।
कंसिस्टेंसी ही असली ताकत
क्रेडिट स्कोर किसी एक महीने के अच्छे व्यवहार से नहीं बनता, बल्कि लंबे समय तक लगातार सही आदतों से तैयार होता है। अगर आपने एक-दो साल तक बिना चूके ईएमआई भरी है, तो यह लेंडर्स के लिए भरोसे का बड़ा संकेत होता है।
गलती से बचने के आसान तरीके
ज्यादातर ईएमआई इसलिए मिस होती है क्योंकि लोग भूल जाते हैं। इससे बचने के लिए ऑटो-डेबिट सेट करना सबसे अच्छा तरीका है। इसके अलावा, खाते में थोड़ा अतिरिक्त बैलेंस रखना या रिमाइंडर सेट करना भी मददगार हो सकता है। ईएमआई सिर्फ कर्ज चुकाने का तरीका नहीं है, बल्कि यह आपकी वित्तीय साख का आधार भी है। अगर आप समय पर और नियमित रूप से भुगतान करते हैं, तो भविष्य में लोन लेना आसान हो जाता है और बेहतर शर्तों पर कर्ज मिल सकता है।
(प्रियंका कुमारी)










