HDFC Bank stock crash: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ा झटका देखने को मिला जब देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी का शेयर अचानक लुढ़क गया। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ी और स्टॉक करीब 5% गिरकर 802 रुपये के आसपास आ गया। दिन में यह गिरावट 8.7% तक पहुंच गई, जो जनवरी 2024 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है।
इस खबर का असर पूरे बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी करीब 3 फीसदी टूट गया। एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई जैसे बड़े बैंक भी दबाव में दिखे और उनके शेयर भी 2 से 3 फीसदी तक टूट गए।
एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन ने अचानक इस्तीफा दिया
दरअसल, एचडीएफसी बैंक ने बुधवार देर रात जानकारी दी कि अतनु चक्रवर्ती ने 'मूल्यों और नैतिकता' के मुद्दे पर मतभेद बताते हुए इस्तीफा दिया है। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में किसी खास घटना का जिक्र नहीं किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि पिछले दो साल में कुछ चीजें उनके व्यक्तिगत मूल्यों से मेल नहीं खाती थीं।
इस अचानक इस्तीफे के बाद बैंक ने अंदरूनी अधिकारी केकी मिस्त्री को 3 महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी इसे मंजूरी दे दी है, जिससे कुछ हद तक बाजार को भरोसा मिला।
ग्लोबल निवेशक भी बैंक को लेकर चिंतित
अमेरिका में लिस्टेड एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी करीब 7% की गिरावट देखी गई, जो यह दिखाता है कि यह मामला सिर्फ घरेलू नहीं, बल्कि ग्लोबल निवेशकों को भी चिंतित कर रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही इस्तीफे में किसी गड़बड़ी का सीधा आरोप नहीं है, लेकिन 'परसेप्शन' यानी धारणा भी बाजार पर असर डालती है।
गौरतलब है कि अतनु चक्रवर्ती 2021 में चेयरमैन बने थे और हाल ही में उनका कार्यकाल 2027 तक बढ़ाया गया था। उनके कार्यकाल में ही एचडीएफसी बैंक और HDFC लिमिटेड का 40 अरब डॉलर का बड़ा मर्जर हुआ था। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि इस मर्जर के फायदे अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बैंक आगे क्या कदम उठाता है और गवर्नेंस को लेकर उठे सवालों का जवाब कैसे देता है। फिलहाल, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
(प्रियंका कुमारी)