LPG Gas Crisis: भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर सबसे ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ रहा है। कई शहरों में होटल संचालकों को गैस की सीमित सप्लाई मिल रही है, जिससे रोजाना की किचन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऐसे हालात में सवाल उठता है कि अगर पहले रोजाना 5 सिलेंडर की जरूरत पड़ती थी, तो क्या अब 2-3 सिलेंडर में होटल की रसोई चलाई जा सकती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि सही किचन मैनेजमेंट, मेनू प्लानिंग और तकनीक का इस्तेमाल करके गैस की खपत को काफी कम किया जा सकता है।
मेनू में कटौती सबसे बड़ा उपाय
गैस संकट के समय होटल और रेस्टोरेंट को सबसे पहले अपने फूड मेनू की समीक्षा करनी चाहिए। ऐसे आइटम जिनमें ज्यादा गैस खर्च होती है, उन्हें अस्थायी रूप से कम किया जा सकता है।
उदाहरण के तौर पर पूरी, भटूरा और डीप फ्राई आइटम गैस ज्यादा लेते हैं, जबकि तवा या ग्रेवी वाले व्यंजन कम गैस में बन जाते हैं। सीमित लेकिन लोकप्रिय मेनू रखने से गैस की खपत में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।
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बैच कुकिंग से बचती है गैस
विशेषज्ञ बताते हैं कि हर ऑर्डर पर अलग-अलग कुकिंग करने की बजाय बैच कुकिंग अपनानी चाहिए। यानी दाल, चावल और सब्जी की बेस ग्रेवी पहले से बड़ी मात्रा में तैयार कर ली जाए। इससे बार-बार गैस जलाने की जरूरत नहीं पड़ती और गैस की खपत कम हो जाती है।
इंडक्शन कुकिंग बन सकती है बड़ा सहारा
गैस संकट के दौरान होटल इंडक्शन कुकिंग का सहारा भी ले सकते हैं। चाय, कॉफी, सूप या उबालने वाले कई काम इंडक्शन प्लेट पर आसानी से किए जा सकते हैं। इससे गैस सिलेंडर पर दबाव कम पड़ता है और किचन का काम भी बाधित नहीं होता।
बड़े बर्तन और प्रेशर कुकर का इस्तेमाल
किचन विशेषज्ञों के अनुसार बड़े बर्तन में खाना बनाना और ढक्कन लगाकर पकाना गैस बचाने का प्रभावी तरीका है। प्रेशर कुकर का उपयोग करने से भी कुकिंग टाइम कम होता है और गैस की खपत घटती है।
बर्नर की सफाई भी जरूरी
कई बार होटल की रसोई में बर्नर जाम होने या फ्लेम ठीक न होने से भी गैस ज्यादा खर्च होती है। नियमित सफाई और सही फ्लेम बनाए रखने से भी 10 से 15 प्रतिशत गैस बचाई जा सकती है।
कैसे 5 सिलेंडर से 2-3 में चल सकता है काम
| उपाय | संभावित गैस बचत |
| मेनू सीमित करना | 30% |
| बैच कुकिंग | 20% |
| इंडक्शन कुकिंग | 15% |
| सही बर्नर | 10% |
इन तरीकों को अपनाने से गैस की खपत लगभग आधी तक कम की जा सकती है।
होटल संचालकों के लिए जरूरी सावधानियां
- गैस का कम से कम 2-3 दिन का स्टॉक रखें।
- मेनू में अनावश्यक आइटम कम करें।
- फ्राई आइटम सीमित रखें।
- प्रेशर कुकर और बड़े बर्तन का इस्तेमाल करें।
- किचन स्टाफ को गैस बचाने की ट्रेनिंग दें।
- इंडक्शन कुकिंग को बैकअप के रूप में रखें।
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