Car Tips:आज की आधुनिक कारों में रियर-व्यू मिरर सिर्फ पीछे देखने का साधारण शीशा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक स्मार्ट डिवाइस के रूप में विकसित हो चुका है। पहले जहां इसे मैन्युअली एडजस्ट करने के लिए एक छोटा लीवर होता था, वहीं अब इसमें कई एडवांस बटन दिए जाते हैं, जो ड्राइविंग को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं।
ऑटो-डिमिंग फीचर
रात के समय ड्राइविंग करते हुए पीछे से आने वाली गाड़ियों की तेज हेडलाइट अक्सर आंखों को चुभती है। इस समस्या का समाधान है ऑटो-डिमिंग फीचर। रियर-व्यू मिरर पर दिए गए इस बटन को ऑन करते ही मिरर खुद-ब-खुद रोशनी की तीव्रता को कम कर देता है। इससे ड्राइवर की आंखों पर जोर नहीं पड़ता और विजिबिलिटी बेहतर बनी रहती है।
मल्टी-फंक्शनल बटन
आजकल अलग-अलग कार कंपनियां रियर-व्यू मिरर में कई स्मार्ट फीचर्स देती हैं। उदाहरण के तौर पर, कुछ मॉडलों में “होमलिंक” बटन मिलता है, जिसकी मदद से आप कार के अंदर बैठे-बैठे अपने घर के गैरेज का दरवाजा खोल या बंद कर सकते हैं।
वहीं, कुछ कारों में कनेक्टेड टेक्नोलॉजी के तहत दिए गए बटन से आप इमरजेंसी सहायता या कस्टमर सपोर्ट से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए आमतौर पर सब्सक्रिप्शन की जरूरत होती है।
कैमरा डिस्प्ले फीचर
कुछ प्रीमियम कारों में रियर-व्यू मिरर को कैमरा स्क्रीन में भी बदला जा सकता है। जैसे ही आप इंडिकेटर देते हैं, यह कैमरा संबंधित लेन का लाइव व्यू दिखाता है। इससे ब्लाइंड स्पॉट कम होते हैं और एक्सीडेंट का खतरा घटता है।
पुरानी कार में भी संभव है अपग्रेड
अगर आपकी कार में ये फीचर्स नहीं हैं, तो भी चिंता की बात नहीं है। मार्केट में ऐसे स्मार्ट रियर-व्यू मिरर उपलब्ध हैं, जिन्हें आप अपनी पुरानी कार में लगवा सकते हैं। हालांकि, इसे खुद इंस्टॉल करने के बजाय किसी प्रोफेशनल मैकेनिक से ही लगवाना बेहतर रहता है।
कुल मिलाकर, रियर-व्यू मिरर अब सिर्फ एक साधारण शीशा नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाने वाला अहम स्मार्ट फीचर बन चुका है।
(मंजू कुमारी)