Auto Industry: एक समय था जब कार की पहचान उसके इंजन, पावर और माइलेज से होती थी। लेकिन आज ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एक बड़े तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। अब वाहन केवल मैकेनिकल मशीन नहीं रहे, बल्कि सॉफ्टवेयर, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस स्मार्ट डिवाइस बन चुके हैं। आने वाले वर्षों में यह बदलाव और तेज़ होने की संभावना है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बनी नई दिशा
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अब भविष्य की कल्पना नहीं, बल्कि वर्तमान की सच्चाई हैं। बढ़ते प्रदूषण और ईंधन संकट ने ऑटो कंपनियों को इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने पर मजबूर किया है। भारत में Tata Motors ने EV सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाई है। वहीं Mahindra & Mahindra, Maruti Suzuki और Hyundai Motor India भी अपने इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही हैं।
दोपहिया बाजार में Ola Electric और Ather Energy ने शहरी परिवहन की तस्वीर बदल दी है।
EV के प्रमुख फायदे:
जीरो टेलपाइप उत्सर्जन
कम रनिंग कॉस्ट
कम मेंटेनेंस
स्मूथ और साइलेंट ड्राइविंग अनुभव
अनुमान है कि 2030 तक शहरी इलाकों में 30–40% वाहन इलेक्ट्रिक हो सकते हैं।
कनेक्टेड कार और डेटा इकोनॉमी
कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी के जरिए वाहन अब क्लाउड और मोबाइल ऐप से जुड़े रहते हैं। लाइव ट्रैफिक अपडेट, रिमोट लॉक-अनलॉक, जियो-फेंसिंग और रियल-टाइम डायग्नोस्टिक्स जैसे फीचर्स तेजी से आम हो रहे हैं। वाहन से मिलने वाला डेटा बीमा कंपनियों, फ्लीट मैनेजमेंट और कस्टमर एक्सपीरियंस को नई दिशा दे रहा है। भविष्य में डेटा ऑटो कंपनियों के लिए बड़ा राजस्व स्रोत बन सकता है।
एआई, बैटरी टेक्नोलॉजी और SDV का भविष्य
AI का उपयोग अब प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस, ड्राइवर बिहेवियर एनालिसिस और स्मार्ट वॉइस असिस्टेंट में हो रहा है। उन्नत लिथियम-आयन और सॉलिड-स्टेट बैटरियां भविष्य में 600 से 900 किमी तक की रेंज और 10–15 मिनट में फास्ट चार्जिंग की संभावना पैदा कर सकती हैं।
सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल (SDV) की अवधारणा के तहत कारों को ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट मिलेंगे, ठीक स्मार्टफोन की तरह। इससे नई सुविधाएं और सुधार बिना सर्विस सेंटर जाए जोड़े जा सकेंगे।
(मंजू कुमारी)