Choti Diwali Upay: छोटी दिवाली पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी, मां काली, श्री कृष्ण और यमदेव की होगी कृपा

Choti Diwali Ke Upay for Happy Life
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आज छोटी दिवाली के दिन कुछ विशेष उपाय करने से साधकों को शुभ परिणाम मिलते है।
आज 30 अक्टूबर 2024 बुधवार को नरक चतुर्दशी मनाई जा रही है। इसे हम छोटी दिवाली और रूप चौदस के नाम से भी जानते है। वैदिक पंचांग के अनुसार छोटी दिवाली की तिथि की शुरुआत

Narak Chaturdashi Upay: आज 30 अक्टूबर 2024 बुधवार को नरक चतुर्दशी मनाई जा रही है। इसे हम छोटी दिवाली और रूप चौदस के नाम से भी जानते है। वैदिक पंचांग के अनुसार छोटी दिवाली की तिथि की शुरुआत आज 30 अक्टूबर को दोपहर 1:15 पर होगी। वहीं, इसका समापन 31 अक्टूबर दोपहर 03:52 पर होगा। आज छोटी दिवाली के दिन कुछ विशेष उपाय करने से साधकों को शुभ परिणाम मिलते है। चलिए जानते है उनके बारे में-

छोटी दिवाली पर करें ये उपाय

- आज नरक चतुदर्शी पर नियम अनुसार 14 दीपक जलाने चाहिए। आज के दिन कूड़ेदान, परित्यक्त मंदिरों में और दरवाजे की चौखट पर भी दीपक जलाने का महत्व है। मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली पर जलाये जाने वाले दीपकों से साधक को जीवन में कर्ज मुक्ति और सकारात्मकता मिलती है।

- आज नरक चतुदर्शी पर सुबह के समय पूरे शरीर पर सरसों के तेल से मालिश करें। इसके पश्चात ही स्नान करें। मान्यता है कि, चतुर्दशी के दिन तेल में मां लक्ष्मी और जल में मां गंगा का वास होता हैं। यही वजह है कि, छोटी दिवाली के दिन तेल मालिश के पश्चात स्नान करने से कई लाभ मिलते है।

- आज नरक चतुदर्शी पर कालिका मां की पूजा अवश्य करें। आपको ज्ञात होगा कि छोटी दिवाली को काली चौदस के नाम से पुकारा जाता है। मां कलिका की पूजा करने से साधक को अपने जीवन में सभी चिंताओं से मुक्ति का वरदान प्राप्त होता है।

- आज नरक चतुदर्शी पर यमराज के नाम का दीपक प्रज्ज्वलित करना न भूलें। सनातन धर्म में यह परम्परा कई सदियों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज छोटी दिवाली के दिन यमराज की पूजा करने और उनके निमित्त दिया जलाने से अकाल मृत्यु का भय ख़त्म होता है।

- आज नरक चतुदर्शी पर भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नाम के राक्षस का वध कर 16 हजार कन्याओं को उसकी कैद से मुक्त कराया था। कहते है छोटी दिवाली के दिन श्री कृष्ण की विधि-विधान से पूजा करने पर घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। Hari Bhoomi इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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