Aaj Ka Panchang 14 February 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार आज 14 फरवरी 2026, शनिवार का दिन है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 4 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि आरंभ हो जाएगी। शनिवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने के कारण आज शनि प्रदोष व्रत रखा जाएगा। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इसकी पूजा संध्या काल, यानी प्रदोष काल में की जाती है। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
आज का पंचांग
तिथि: द्वादशी – शाम 04:01 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय – सुबह 07:01 बजे
- सूर्यास्त – शाम 06:11 बजे
चंद्रोदय और चंद्रास्त
- चंद्रोदय – 15 फरवरी को प्रातः 05:37 बजे
- चंद्रास्त – दोपहर 03:09 बजे
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा – शाम 06:16 बजे तक
करण
- तैतिल – शाम 04:01 बजे तक
- गर – 15 फरवरी प्रातः 04:37 बजे तक
योग: सिद्धि योग – 15 फरवरी प्रातः 03:18 बजे तक
पक्ष: कृष्ण पक्ष
वार: शनिवार
आज का शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:14 बजे से 12:59 बजे तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 02:28 बजे से 03:13 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 05:18 बजे से 06:10 बजे तक
- निशिता मुहूर्त – 15 फरवरी रात्रि 12:10 बजे से 01:01 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 06:09 बजे से 06:35 बजे तक
- अमृत काल – दोपहर 01:03 बजे से 02:47 बजे तक
आज का अशुभ मुहूर्त
- दुर्मुहूर्त – सुबह 07:01 बजे से 07:46 बजे तक और 07:46 बजे से 08:30 बजे तक
- राहुकाल – सुबह 09:49 बजे से 11:12 बजे तक
- यमगण्ड काल – दोपहर 02:00 बजे से 03:24 बजे तक
- गुलिक काल – सुबह 07:01 बजे से 08:25 बजे तक
आज का विशेष महत्व
शनिवार और त्रयोदशी तिथि का संयोग होने से आज शनि प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव और शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में शिव पूजन करने से पापों का नाश होता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। शनिदेव की कृपा के लिए तिल का दीपक जलाना और काले तिल का दान करना भी फलदायी होता है।
इस प्रकार 14 फरवरी 2026 का पंचांग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखते हुए दिन की योजना बनाएं और अशुभ समय में सावधानी बरतें।








