11 March 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 11 मार्च 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज शीतलाष्टमी का व्रत भी रखा जाएगा। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
शीतलाष्टमी व्रत का विशेष महत्व
चैत्र कृष्ण अष्टमी के दिन माता शीतला की पूजा का विशेष विधान होता है। इस व्रत को शीतलाष्टमी या बसोड़ा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन माता शीतला की पूजा विधि-विधान से की जाती है और उन्हें बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन एक दिन पहले बना भोजन देवी को अर्पित किया जाता है और उसी भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
शुभ मुहूर्त
- शीतला अष्टमी के दिन पूजा करने के लिए सुबह से शाम तक का समय शुभ माना गया है। पूजा का समय सुबह 6 बजकर 50 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 14 मिनट से 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। यह समय ध्यान, साधना और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
- प्रातः संध्या का समय सुबह 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
- विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 48 मिनट से 3 बजकर 36 मिनट तक रहेगा, जिसे किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए अच्छा माना जाता है।
- शाम को गोधूलि मुहूर्त 6 बजकर 45 मिनट से 7 बजकर 9 मिनट तक रहेगा।
- सायाह्न संध्या का समय 6 बजकर 47 मिनट से 7 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।
राहुकाल
- दिल्ली में दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से 2 बजे तक।
- मुंबई में दोपहर 12 बजकर 49 मिनट से 2 बजकर 18 मिनट तक।
- चंडीगढ़ में दोपहर 12 बजकर 33 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट तक।
- लखनऊ में दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से 1 बजकर 46 मिनट तक।
- भोपाल में दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 2 बजे तक।
- कोलकाता में सुबह 11 बजकर 47 मिनट से दोपहर 1 बजकर 16 मिनट तक।
- अहमदाबाद में दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 19 मिनट तक।
- चेन्नई में दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से 1 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
11 मार्च 2026 को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 26 मिनट पर होगा। दिन की कुल अवधि लगभग 11 घंटे 51 मिनट की रहेगी।
11 मार्च का दिन व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शीतलाष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु माता शीतला की पूजा करके परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और माता को बासी भोजन का भोग लगाने से व्यक्ति को रोगों से रक्षा और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।








