Venezuela crisis: वेनेजुएला में अमेरिकी हमले से 40 मौतें, सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी रोड्रिगेज को सौंपी राष्ट्रपति की कमान
अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हिरासत के बाद वेनेजुएला में बड़ा सियासी फैसला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया है। जानिए दुनिया पर क्या पड़ेगा इस फैसले का असर।
वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश दिया है।
Venezuela crisis: वेनेजुएला इस समय अपने सबसे संवेदनशील राजनीतिक दौर से गुजर रहा है। अमेरिकी हमले में 40 लोगों की मौत और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हिरासत के बाद देश की राजनीति में अचानक भूचाल आ गया है। इस असाधारण स्थिति के बीच वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश दिया है। अदालत का कहना है कि यह फैसला किसी सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से नहीं, बल्कि प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने स्पष्ट किया कि मादुरो की अनुपस्थिति में सरकार के कामकाज में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। इसी कारण डेल्सी रोड्रिगेज को बोलीवेरियन रिपब्लिक ऑफ वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि मौजूदा हालात में कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा, ताकि राज्य की संप्रभुता, सरकार का संचालन और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका की कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कई देशों और संगठनों ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताई है, जबकि मादुरो समर्थकों का कहना है कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता में सीधा हस्तक्षेप है। देश के भीतर भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और आम जनता के बीच अनिश्चितता का माहौल है। डेल्सी रोड्रिगेज वेनेजुएला की राजनीति में एक प्रभावशाली और अनुभवी नेता मानी जाती हैं। वे पहले भी सरकार के कई अहम फैसलों में केंद्रीय भूमिका निभा चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वेनेजुएला का पक्ष मजबूती से रखती रही हैं।
कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में डेल्सी रोड्रिगेज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यही होगी कि प्रशासनिक ढांचा, सैन्य समन्वय और सरकारी नीतियां बिना बाधा जारी रहें। कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम वेनेजुएला के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम फिलहाल स्थिरता बनाए रखने की कोशिश माना जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह अंतरिम व्यवस्था कितने समय तक चलती है और इसका देश की राजनीति तथा वैश्विक संबंधों पर क्या असर पड़ता है।