India-EU Free Trade Deal: भारत-यूरोपीय संघ ने किया 'मदर ऑफ ऑल डील्स' का ऐलान, EU चीफ बोलीं- 2 अरब लोगों के लिए बना सबसे बड़ा फ्री ट्रेड जोन
भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील पर सहमति बनी। Ursula von der Leyen ने कहा—2 अरब लोगों का फ्री ट्रेड ज़ोन बना। जानिए डील की पूरी जानकारी।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील पर सहमति बनी।
India-EU Free Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मंगलवार 27 जनवरी को एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बनी। इस बड़े समझौते को लेकर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोप ने मिलकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने इसे 'Mother of All Deals' करार दिया।
Ursula von der Leyen का बड़ा बयान
यूरोपीय आयोग प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत और यूरोप ने मिलकर ऐसा फ्री ट्रेड जोन बनाया है, जिससे करीब 2 अरब लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित होगा और भविष्य में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।
नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की। इसके बाद भारत-EU के बीच डेलिगेशन लेवल की वार्ता भी हुई।
गणतंत्र दिवस 2026 में EU नेताओं की खास मौजूदगी
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस 2026 परेड में भारत के मुख्य अतिथि भी रहे, जिससे इस साझेदारी की अहमियत और बढ़ गई।
दोनों पक्षों की डेलिगेशन में कौन-कौन रहा शामिल?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। वहीं यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने किया। इस दौरान EU की उपाध्यक्ष काजा कैलास और ट्रेड कमिश्नर मार्कोस सेफकोविक भी मौजूद थे।
'दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का मिलन': PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भारत-EU फ्री ट्रेड डील को दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच ऐतिहासिक साझेदारी बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक GDP के करीब 25 प्रतिशत हिस्से को जोड़ता है। पीएम मोदी ने यह टिप्पणी India Energy Week 2026 के उद्घाटन समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए की।
2007 से 2026 तक का लंबा सफर
भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस व्यापार समझौते को लेकर बातचीत की शुरुआत 2007 में हुई थी। हालांकि 2013 में बातचीत ठप हो गई थी। इसके बाद 2022 में फिर से वार्ता शुरू हुई और अब 2026 में जाकर इस ऐतिहासिक डील पर मुहर लगी।