ताजमहल में शाहजहां का 371वां उर्स: 15 से 17 जनवरी तक पर्यटकों के लिए 'फ्री एंट्री', चढ़ेगी रिकॉर्ड 1620 मीटर की चादर

उर्स के मुख्य दिन 17 जनवरी को 1620 मीटर लंबी सतरंगी चादर चढ़ाई जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।

Updated On 2026-01-14 15:01:00 IST

ताजमहल पर 1620 मीटर लंबी सतरंगी चादर चढ़ाई जाएगी, जो इस वर्ष के आयोजन का मुख्य आकर्षण होगी।

आगरा : ​विश्व प्रसिद्ध ताजमहल में मुगल शहंशाह शाहजहां का 371वां सालाना उर्स आगामी 15 जनवरी से 17 जनवरी 2026 तक पूरी अकीदत के साथ मनाया जाएगा।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों के लिए ताजमहल में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

इस दौरान अकीदतमंदों द्वारा आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में ताजमहल पर 1620 मीटर लंबी सतरंगी चादर चढ़ाई जाएगी, जो इस वर्ष के आयोजन का मुख्य आकर्षण होगी।

​उर्स के दौरान प्रवेश का समय और नए नियम

​भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के आदेशानुसार उर्स के तीनों दिन पर्यटकों और जायरीन के लिए प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा लेकिन इसके लिए समय निर्धारित किया गया है।

15 और 16 जनवरी को दोपहर 2:00 बजे से सूर्यास्त तक प्रवेश निशुल्क रहेगा जबकि उर्स के मुख्य और आखिरी दिन यानी 17 जनवरी को सुबह से लेकर सूर्यास्त तक पूरे दिन के लिए ताजमहल में प्रवेश मुफ्त रहेगा।

इन तीन दिनों की सबसे खास बात यह है कि पर्यटकों को शाहजहां और मुमताज की उन असली कब्रों को देखने का दुर्लभ मौका मिलता है जो मुख्य मकबरे के बेसमेंट में स्थित हैं और साल के बाकी दिनों में आम जनता के लिए पूरी तरह बंद रहती हैं।

​तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा

​ताजमहल के अंदर उर्स की रस्में पूरे विधि-विधान से निभाई जाएंगी जिसमें पहले दिन 15 जनवरी को दोपहर में 'गुस्ल' की रस्म के साथ उर्स की शुरुआत होगी और इसके बाद मिलाद-उन-नबी व दुआ का विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा।

दूसरे दिन 16 जनवरी को 'संदल' की रस्म अदा की जाएगी जिसके बाद शाम के समय कव्वाली और फातिहा का दौर चलेगा।

उर्स के सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम दिन 17 जनवरी को सुबह 'कुल' की रस्म होगी और दोपहर में पूरे जोश के साथ विश्व प्रसिद्ध 'हिंदुस्तानी सतरंगी चादर' चढ़ाई जाएगी जिसके समापन पर लंगर का वितरण किया जाएगा।

​1620 मीटर लंबी चादर और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​इस वर्ष उर्स कमेटी 'खुद्दाम-ए-रोजा' के अध्यक्ष ताहिरुद्दीन ताहिर के नेतृत्व में 1620 मीटर लंबी चादर चढ़ाने की भव्य तैयारी की गई है जिसे हनुमान मंदिर के पास से गाजे-बाजे के साथ लाकर मुख्य मकबरे पर अर्पित किया जाएगा।

भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए आगरा पुलिस और ASI ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं जिसके तहत चादर और फूल ले जाने की अनुमति तो होगी लेकिन किसी भी प्रकार का झंडा या विवादित सामग्री अंदर ले जाना वर्जित रहेगा।

ताजमहल के आसपास के रास्तों पर विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा और विदेशी पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे भीड़ के कारण अपनी यात्रा का समय सावधानी से तय करें।

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