प्रयागराज बना आर्थिक हब: माघ मेले ने तोड़ा रिकॉर्ड, फरवरी में GST कलेक्शन ने सबको चौंकाया

प्रयागराज के माघ मेले ने आर्थिक मोर्चे पर नया इतिहास रच दिया है। महाकुंभ काल के जनवरी महीने की तुलना में माघ माह के फरवरी में GST कलेक्शन ज्यादा दर्ज हुआ, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और बाजारों में रिकॉर्ड कारोबार देखने को मिला।

Updated On 2026-02-03 15:35:00 IST

इस बढ़े टर्नओवर ने न केवल बड़े शोरूम्स बल्कि पटरी दुकानदारों की भी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।

प्रयागराज में इस बार माघ मेले के दौरान सिर्फ आस्था का सैलाब ही नहीं उमड़ा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों ने भी नया रिकॉर्ड बना दिया। माघ माह के अंतर्गत फरवरी महीने में प्रयागराज का GST कलेक्शन उम्मीदों से कहीं ज्यादा दर्ज किया गया, जिसने प्रशासन से लेकर व्यापारियों तक सभी को चौंका दिया है।

आमतौर पर माना जाता है कि जनवरी में महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान सबसे ज्यादा आर्थिक हलचल होती है, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग रही। महाकुंभ काल के जनवरी महीने की तुलना में माघ मेले के तहत फरवरी में GST संग्रह कहीं अधिक दर्ज किया गया। इससे साफ है कि माघ मेला अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक मजबूत आर्थिक इंजन बनकर उभर रहा है।

फरवरी में क्यों बढ़ा GST कलेक्शन?

विशेषज्ञों के मुताबिक, माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या पूरे महीने लगभग स्थिर बनी रही। माघ पूर्णिमा और अंतिम स्नान पर्वों के दौरान देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाने के साथ-साथ बाजारों में जमकर खरीदारी भी की। इसका सीधा असर टैक्स कलेक्शन पर देखने को मिला।

होटल, रेस्टोरेंट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में उछाल

माघ मेले के दौरान प्रयागराज के होटल, लॉज, होम-स्टे और धर्मशालाएं लगभग फुल रहीं। रेस्टोरेंट, ढाबे और फूड स्टॉल्स पर भारी भीड़ देखने को मिली। इसके अलावा ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी और अन्य परिवहन सेवाओं की मांग में भी जबरदस्त इजाफा हुआ। इन सभी सेक्टरों ने GST कलेक्शन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

स्थानीय बाजारों को मिला बड़ा फायदा

सिविल लाइंस, चौक, कटरा और आसपास के बाजारों में कपड़े, धार्मिक सामग्री, हस्तशिल्प और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की बिक्री कई गुना बढ़ गई। खास बात यह रही कि इस बार छोटे और मध्यम व्यापारियों ने डिजिटल पेमेंट को बड़े पैमाने पर अपनाया, जिससे लेन-देन ज्यादा पारदर्शी हुआ और टैक्स दायरे में आया।

माघ मेला बना आर्थिक मॉडल

प्रयागराज की यह आर्थिक सफलता अब नीति-निर्माताओं के लिए भी चर्चा का विषय बन गई है। बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, अस्थायी बाजारों की व्यवस्था, स्वच्छता और डिजिटल सुविधाओं ने माघ मेले को आर्थिक रूप से सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उत्तर प्रदेश के वित्त विभाग के लिए भी प्रयागराज से मिला यह GST राजस्व उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा है।

छोटे व्यापारियों तक पहुंचा फायदा

व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने पिछले कई वर्षों में ऐसा व्यापारिक सीजन नहीं देखा। इस बढ़े हुए टर्नओवर से न केवल बड़े शोरूम्स, बल्कि पटरी दुकानदारों और छोटे विक्रेताओं की भी आमदनी में सुधार हुआ है।

कुल मिलाकर, माघ मेले ने यह साबित कर दिया है कि सही योजना और बेहतर सुविधाओं के साथ धार्मिक आयोजन किसी शहर की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। प्रयागराज इस समय उत्तर प्रदेश के लिए एक मजबूत आर्थिक मॉडल बनकर उभर रहा है।

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