मेडिकल कॉलेज में गरजा बाबा का बुलडोजर: सरकारी जमीन पर बनी 10 अवैध मजारें की गईं जमींदोज, भारी फोर्स तैनात

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल कॉलेज के सौंदर्यीकरण और विस्तार के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था।

Updated On 2026-01-19 16:28:00 IST

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करना था।

बहराइच: ​उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। महाराजा सुहेलदेव स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के परिसर के भीतर अवैध रूप से निर्मित की गई 10 मजारों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के अभियान के क्रम में यह कार्रवाई की गई है।

​मेडिकल कॉलेज की बेशकीमती जमीन पर था अवैध कब्जा

​महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज के निर्माण के बाद से ही इसके परिसर की कुछ भूमि पर मजारों का अस्तित्व बना हुआ था। प्रशासन के अनुसार, ये मजारें सरकारी अभिलेखों में दर्ज नहीं थीं और इन्हें अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर बनाया गया था।

मेडिकल कॉलेज के विस्तार और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने इन अवैध ढांचों को हटाने का निर्णय लिया।

​भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में चला अभियान

​मजारों को ध्वस्त करने की कार्रवाई को बेहद संवेदनशील माना जा रहा था, जिसके चलते मौके पर भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी।

सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवानों ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। किसी भी विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर लिए थे।

​'बाबा के बुलडोजर' ने चंद घंटों में साफ किया अतिक्रमण

​सोमवार की सुबह जैसे ही प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर मेडिकल कॉलेज परिसर पहुँचा, वहां हड़कंप मच गया। बिना किसी देरी के कार्रवाई शुरू की गई और एक-एक कर सभी 10 मजारों को ध्वस्त कर दिया गया।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्तियों और शैक्षणिक संस्थानों की जमीन पर किसी भी प्रकार का धार्मिक अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​शांति व्यवस्था और भविष्य की योजना

​कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय खुफिया तंत्र को भी अलर्ट पर रखा गया था। प्रशासन का कहना है कि अब इस मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के विस्तार और कैंपस की बाउंड्री वॉल को सुरक्षित करने के लिए किया जाएगा।

हालांकि इस कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के आगे किसी ने भी प्रत्यक्ष विरोध दर्ज नहीं कराया।

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