बरेली में जुमे की नमाज पर अलर्ट: 26 सितंबर के बवाल के बाद शहर में सेक्टर स्कीम लागू, धर्मस्थलों की बढ़ाई गई सुरक्षा!

सुरक्षा के लिए 4500 स्थानीय और 700 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, साथ ही 20 महिला टीमें भी क्विक रिस्पांस के लिए मौजूद हैं। बरेली में हाईअलर्ट के साथ सेक्टर स्कीम भी लागू की गई है।

Updated On 2025-10-10 09:03:00 IST

बरेली में जुमे की नमाज को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सेक्टर स्कीम लागू की गई है।

बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में जुमे की नमाज के मद्देनजर एक बार फिर हाई अलर्ट जारी किया गया है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सेक्टर स्कीम लागू कर दी है और सभी धर्मस्थलों के आसपास सुरक्षा को अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिया गया है। यह कड़ा कदम पिछले माह 26 सितंबर को हुए बवाल के मद्देनजर उठाया गया है, जिसके बाद से शहर में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।

एसएसपी अनुराग आर्य ने पुलिस लाइन में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को तैनाती के संबंध में कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि सभी पुलिसकर्मी पूरी सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करें।

पुलिस की हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे पूरी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, वरिष्ठ अधिकारी भी अपने-अपने इलाकों में लगातार गश्त करते रहेंगे ताकि कहीं भी भीड़ न जुट पाए और शांति व्यवस्था बनी रहे।

सुरक्षा व्यवस्था और भारी पुलिस बल की तैनाती

शहर में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए, जिले के पुलिसकर्मियों के साथ-साथ दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है।

बरेली में इस समय लगभग 4500 स्थानीय पुलिसकर्मियों के अलावा, बाहर से आए चार एएसपी, चार सीओ, 40 इंस्पेक्टर और 700 पुलिसकर्मी मौजूद हैं। महिलाओं की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए 20 महिला टीमें भी त्वरित रिस्पांस टीम (QRT) के रूप में तैयार रहेंगी। एसएसपी ने बताया कि सेक्टर स्कीम के तहत, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी एक-दूसरे के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करेंगे, जिससे किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके। 

26 सितंबर को क्या हुआ था? और क्यों है यह अलर्ट?

शहर में यह सख्त सुरक्षा व्यवस्था 26 सितंबर (शुक्रवार) को हुए बवाल के कारण लागू की गई है। 26 सितंबर को 'आई लव मोहम्मद' के समर्थन में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर बड़ी संख्या में भीड़ जुटी थी।

हालांकि, कार्यक्रम के दौरान मौलाना के स्वयं नदारद रहने से भीड़ बेकाबू और अराजक हो गई थी। पुलिस का दावा है कि अनियंत्रित भीड़ ने इस दौरान शहर के कई इलाकों में दुकानों और वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की थी। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा था और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे। पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बवाल में ड्यूटी पर तैनात 22 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना के बाद से ही पुलिस लगातार वीडियो फुटेज के आधार पर दोषी आरोपियों की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई कर रही है। यही वजह है कि शहर में दोबारा किसी भी तरह की हिंसा या बवाल को रोकने के लिए, पुलिस-प्रशासन ने इस जुमे की नमाज पर असाधारण अलर्ट और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कायम रखी है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल हर कोने पर तैनात है।


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