संगम तट पर आस्था का सैलाब: बसंत पंचमी और अचला सप्तमी पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान

प्रयागराज माघ मेले में बसंत पंचमी और अचला सप्तमी के पावन पर्व पर करीब 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। प्रशासन ने 3.30 किलोमीटर लंबे 24 घाटों पर स्नान की भव्य व्यवस्था की है।

Updated On 2026-01-23 14:05:00 IST

खोया-पाया केंद्र और पूछताछ केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। 

प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज की पावन रेती पर आयोजित माघ मेले में आध्यात्मिक ऊर्जा अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचने वाली है। बसंत पंचमी और अचला सप्तमी के पावन पर्वों पर संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए देश-दुनिया से करीब 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान जताया गया है।

जनसैलाब की इस भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज मेला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा से लेकर क्राउड मैनेजमेंट तक, प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

​24 घाटों पर सजेगी आस्था: 3.30 किलोमीटर लंबा स्नान क्षेत्र तैयार

​श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने संगम तट पर विशेष व्यवस्था की है। इस बार कुल 24 स्नान घाट तैयार किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 3.30 किलोमीटर है।

इन घाटों पर पुख्ता बैरिकेडिंग की गई है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी गई है ताकि एक साथ लाखों लोग बिना किसी परेशानी के स्नान कर सकें।

​अभेद्य सुरक्षा और मुस्तैद प्रशासन

​करोड़ों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाया गया है। पूरे मेला क्षेत्र और घाटों पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है।

जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें निरंतर संगम की लहरों पर गश्त कर रही हैं। प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की है ताकि कड़ाके की ठंड में भी श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।

​क्राउड मैनेजमेंट और रूट डायवर्जन की नई योजना लागू

​इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने क्राउड मैनेजमेंट का एक विशेष प्लान लागू किया है। मेले की ओर आने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन की नई योजना प्रभावी कर दी गई है।

शहर के भीतर भीड़ का दबाव न बढ़े, इसके लिए वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही रोका जा रहा है। पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग कॉरिडोर बनाए गए हैं ताकि आवाजाही सुगम रहे।

​श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की विशेष नजर

​प्रशासनिक अमला चौबीसों घंटे मेला क्षेत्र में सक्रिय है। यातायात प्रबंधन के साथ-साथ श्रद्धालुओं को ठहरने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

खोया-पाया केंद्र और पूछताछ केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। 24 घाटों पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं ताकि 'बसंत पंचमी' और 'अचला सप्तमी' का यह महापर्व सकुशल संपन्न हो सके।

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