राजस्थान में निकाय–पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू: कलेक्टर-एसपी के ट्रांसफर पर रोक, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किए आदेश
आयोग ने मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) तैयार करने में लगे अधिकारियों-जैसे एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य संबंधित कर्मियों के ट्रांसफर पर विशेष सख्ती दिखाई है।
राज्य निर्वाचन आयोग
आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। आयोग ने राज्य में तैनात फील्ड पोस्टिंग वाले अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही, जो अधिकारी अपने गृह क्षेत्र में पदस्थ हैं या एक ही स्थान पर तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात हैं, उन्हें 28 फरवरी तक हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचन आयोग के आदेश कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम, नगर निकाय अधिकारियों, थानाधिकारियों और अन्य फील्ड अफसरों पर लागू होंगे। आयोग के अनुसार, ये निर्देश निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ प्रभावी होंगे और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेंगे।
30 अप्रैल कट-ऑफ डेट तय
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अधिकारी 30 अप्रैल तक किसी एक स्थान पर तीन साल से अधिक की सेवा अवधि पूरी कर रहा है, तो उसे संबंधित जिला, नगर पालिका या पंचायत समिति क्षेत्र से हटाया जाएगा। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखना है।
28 फरवरी तक ट्रांसफर की समयसीमा
राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार और संबंधित विभागों को 28 फरवरी तक का समय दिया है। इस अवधि में नियमों के विपरीत पदस्थ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से स्थानांतरित किया जा सकेगा। इसके बाद बिना आयोग की अनुमति कोई भी ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
वोटर लिस्ट से जुड़े अधिकारियों पर विशेष निर्देश
आयोग ने मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) तैयार करने में लगे अधिकारियों-जैसे एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य संबंधित कर्मियों के ट्रांसफर पर विशेष सख्ती दिखाई है। आदेश में कहा गया है कि वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन तक ऐसे किसी भी अधिकारी का ट्रांसफर निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। यह फैसला चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी आशंका को रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है।