MP Weather: एमपी को ठंड से मिलेगी थोड़ी राहत, प्रदेश में दो सिस्टम एक्टिव होने से बदला मौसम का मिजाज

मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी से फिलहाल लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है। बीते दो दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Updated On 2026-01-20 08:48:00 IST

MP Weather 

मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी से फिलहाल लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है। बीते दो दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिन में धूप निकलने से ठंड का असर कम हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जनवरी के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर तेज सर्दी का दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल पश्चिमी हिमालय क्षेत्र पर सक्रिय सिस्टम के कारण ठंडी हवाओं की तीव्रता कम हुई है, लेकिन जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, उत्तर से आने वाली सर्द हवाएं तापमान को फिर नीचे गिरा सकती हैं।

वर्तमान समय में प्रदेश के ऊपर दो मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और दूसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन, जिसकी वजह से कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 21 जनवरी को एक स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है।

इस सिस्टम का असर 23 जनवरी से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा। इसका प्रभाव मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर भी पड़ सकता है। ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं।

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश में कोई मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, आने वाला पश्चिमी विक्षोभ काफी प्रभावी हो सकता है, जिसके चलते बादल और हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अगले दो से तीन दिनों में मौसम की स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने पर पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होती है। सिस्टम गुजरने के बाद उत्तर से आने वाली हवाएं बेहद ठंडी हो जाती हैं, जिससे दिन और रात दोनों समय ठंड का असर बढ़ जाता है।

तापमान की बात करें तो रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 8.2 डिग्री तक लुढ़क गया।

भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री, ग्वालियर में 10.8, उज्जैन में 10 और जबलपुर में 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शहडोल के कल्याणपुर में 7.7, खजुराहो में 8, मंडला और राजगढ़ में 8.4, दतिया में 9 और पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अधिकांश अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री या उससे अधिक रहा।

Tags:    

Similar News

बरंगवा मेले में बड़ा हादसा टला: आकाश झूला उतारते वक्त पलटा हाइड्रा वाहन, मची अफरा-तफरी

भोपाल की पॉश सोसाइटी में हादसा: लिफ्ट के डक्ट में गिरने से बुजुर्ग की मौत, 8 दिन थे गायब