Netflix: फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर बवाल, भोपाल-उज्जैन में ब्राह्मण समाज का प्रदर्शन
Netflix पर रिलीज से पहले फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ (Ghooskhor Pandit) विवादों में घिर गई है। MP के भोपाल-उज्जैन में ब्राह्मण समाज ने विरोध प्रदर्शन कर बैन की मांग की।
Netflix पर रिलीज से पहले फिल्म ‘Ghuskhor Pandit’ विवादों में घिर गई है।
गुरजीत कौर की रिपोर्ट: मध्यप्रदेश में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ (Ghooskhor Pandit) को लेकर विरोध तेज हो गया है। फिल्म के नाम पर आपत्ति जताते हुए ब्राह्मण समाज से जुड़े संगठनों ने भोपाल और उज्जैन में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिल्म का टाइटल एक पूरे समुदाय की सामाजिक और बौद्धिक पहचान को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करता है। इसी को लेकर फिल्म पर रोक लगाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
उज्जैन और भोपाल में सड़क पर उतरे लोग
उज्जैन में अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए फिल्म के टाइटल को तुरंत बदलने और इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की। भोपाल में भी इसी मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। संगठनों का आरोप है कि फिल्म का नाम ब्राह्मण समाज की छवि को ठेस पहुंचाने वाला है।
FIR और बैन की मांग
प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने नेटफ्लिक्स इंडिया की डायरेक्टर रुचिका कपूर शेख, फिल्म के निर्माता नीरज पांडेय और अभिनेता मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक फिल्म के टाइटल में बदलाव नहीं किया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
12 फरवरी को रिलीज होनी है फिल्म
बताया जा रहा है कि यह फिल्म 12 फरवरी को Netflix पर रिलीज होने वाली है। फिलहाल फिल्म का सिर्फ टीजर जारी किया गया है, लेकिन रिलीज से पहले ही यह अपने नाम को लेकर विवादों में घिर गई है। ब्राह्मण समाज से जुड़े संगठनों ने फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।
दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा मामला
फिल्म के टाइटल को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में याचिका भी दायर की गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने नेटफ्लिक्स और फिल्म के डायरेक्टर को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में फिल्म के नाम को तुरंत हटाने की मांग की गई है।
“टाइटल अपने आप में आपत्तिजनक”
लीगल नोटिस में कहा गया है कि फिल्म का टाइटल अपने आप में आपत्तिजनक है, क्योंकि यह पंडित समुदाय को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़ता है। नोटिस के अनुसार, इस तरह का नाम एक पहचाने जाने वाले समुदाय को अपराध और नैतिक पतन से जोड़ने का प्रयास करता है, जो सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है।
बढ़ता जा रहा विवाद
फिल्म की रिलीज डेट नजदीक आने के साथ ही विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नेटफ्लिक्स और फिल्म निर्माता इस विरोध और कानूनी आपत्तियों पर क्या रुख अपनाते हैं।