Sushil Kumar: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान सुशील कुमार की जमानत, 7 दिन में सरेंडर का आदेश

Wrestler Sushil Kumar: सुप्रीम कोर्ट ने ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान सुशील कुमार की जमानत को रद्द करते हुए उन्हें 1 हफ्ते में आत्मसमर्पण का आदेश दिया है।

Updated On 2025-08-13 14:54:00 IST

सुप्रीम कोर्ट ने पहलवान सुशील कुमार की जमानत रद्द की।

Wrestler Sushil Kumar: हरियाणा के 2 बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार की जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रद्द कर दिया। बता दें कि जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियन सागर धनखड़ हत्या के मामले में सर्वोच्च कोर्ट जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत मिश्रा की बेंच ने बीते 4 मार्च 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से पहलवान सुशील कुमार को दी गई जमानत के फैसले को पलटकर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सुशील कुमार को एक हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है। कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ के पिता अशोक धनखड़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया। मृतक के पिता ने हाईकोर्ट के जमानत के आदेश को चुनौती दी थी।

2021 में हुआ था हमला

पूरा मामला 4 मई, 2021 का है। नई दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम के पार्किंग एरिया में पहलवान सागर धनखड़ और उनके दो दोस्तों अमित और सोनू पर हमला हो गया था। इंटरनेशनल पहलवान सुशील कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर संपत्ति के विवाद के चलते सागर पर हमला कर दिया, जिसमें सागर धनखड़ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सागर की मौत सिर में गहरी चोट लगने की वजह से हुई थी।

दिल्ली पुलिस ने किया था अरेस्ट

पुलिस जांच में सामने आया था कि सागर की हत्या के बाद पहलवान सुशील कुमार 18 दिन तक पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में घूमते रहे। जिसके बाद 23 मई साल 2021 को उन्हें दिल्ली पुलिस ने मुंडका इलाके से गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के दौरान सुशील नेशनल लेवल के खिलाड़ी से ली स्कूटी पर कैश लेने पहुंचे थे। बता दें कि गिरफ्तारी के बाद सुशील को रेलवे की नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था। सुशील कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद 2022 अक्टूबर में IPC के कई सेक्शन और आर्म्स एक्ट के तहत उन पर आरोप तय किए गए थे।

31 गवाहों के बयान दर्ज 

चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने पहलवान सुशील कुमार को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया था। पुलिस ने दावा किया था कुश्ती में फिर से अपना प्रभाव स्थापित करने के लिए उन्होंने सागर पर हमला करवाया था, लेकिन सुशील कुमार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था। उन्होंने कहा था कि वह पहले ही साढ़े 3 साल जेल में बिता चुके हैं। इस मामले में अब तक 222 में से केवल 31 गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस आधार पर मार्च 2024 को पहलवान सुशील को जमानत दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है।

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