दिल्ली पुलिस कमांडो काजल मर्डर केस: अवैध संबंध और पेपर लीक का राज छुपाने के लिए पति ने की हत्या, मां ने खोले कई राज
सोनीपत की रहने वाली दिल्ली पुलिस की जांबाज कमांडो काजल की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। काजल की मां ने अपने दामाद पर और क्या-क्या आरोप लगाए हैं आइए जानते हैं ...
दिल्ली पुलिस की कमांडो काजल का फाइल फोटो व काजल अपने डेढ़ साल के बेटे के साथ।
हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली और दिल्ली पुलिस में कमांडो के पद पर तैनात काजल की संदिग्ध मौत के मामले ने अब एक खौफनाक मोड़ ले लिया है। काजल की मां मीना ने अपने दामाद अंकुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या के पीछे चार मुख्य कारणों का खुलासा किया है। शुक्रवार को गंगा में काजल की अस्थियां विसर्जित करने के बाद शोकाकुल परिवार ने इंसाफ की गुहार लगाई है।
शादी से पहले के संबंध और दहेज की मांगकाजल की मां के अनुसार अंकुर के अन्य युवतियों के साथ अवैध संबंध थे, जिसकी जानकारी काजल को शादी से पहले ही दे दी गई थी। बावजूद इसके काजल ने अंकुर के व्यवहार पर भरोसा कर उससे विवाह किया। हालांकि, शादी के बाद हालात बदतर होते चले गए। ससुराल पक्ष की ओर से लग्जरी गाड़ी और तिलक की रस्म में ₹1.5 लाख की मांग की जा रही थी। आर्थिक सामर्थ्य न होने के कारण जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो काजल को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
अलग रहकर भी नहीं आया सुधार
ससुराल के खराब बर्ताव से तंग आकर काजल दिल्ली के द्वारका में पति के साथ रहने लगी थी। मां का आरोप है कि अलग होने के बाद भी अंकुर अपनी पूरी कमाई और काजल की सैलरी का बड़ा हिस्सा अपने माता-पिता और भाई पर खर्च कर देता था। विवाद तब गहराया जब 22 जनवरी को अंकुर ने अपने भाई की शादी के लिए ₹15 लाख के गहने खरीदे और काजल के विरोध करने पर उनके बीच तीखी बहस हुई।
'पेपर लीक' सिंडिकेट का राज खोलना चाहती थी काजल
हत्या के पीछे एक बड़ा कारण अंकुर के काले कारनामों को बताया जा रहा है। मीना के मुताबिक, अंकुर रुड़की में एक कंप्यूटर लैब चलाता था, जिसके जरिए वह सरकारी नौकरियों के पेपर लीक करवाकर अवैध वसूली करता था। काजल को इन सभी गैर-कानूनी गतिविधियों की जानकारी थी। अक्सर झगड़े के दौरान वह मजाक में कहती थी कि वह उसकी शिकायत पुलिस से कर देगी। इसी डर के कारण अंकुर ने काजल को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
डंबल से हमला कर मौत के घाट उतारा
पुलिस जांच के अनुसार 22 जनवरी की रात को विवाद इतना बढ़ा कि अंकुर ने जिम में इस्तेमाल होने वाले डंबल से काजल के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला करने के बाद उसने खुद काजल के भाई निखिल को फोन कर कहा कि काजल मेरे हाथों मर गई है, तू जल्दी दिल्ली आ जा। लगातार पांच दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद 27 जनवरी को गाजियाबाद के एक अस्पताल में काजल ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
बहादुर पुलिसकर्मी होने के साथ-साथ पढ़ाई और खेलों में भी अव्वल
काजल न केवल एक बहादुर पुलिसकर्मी थी, बल्कि वह पढ़ाई और खेलों में भी अव्वल थी। उसने बास्केटबॉल में नेशनल लेवल पर कई स्वर्ण पदक जीते थे। दुःखद पहलू यह भी है कि काजल 5 महीने की गर्भवती थी। उसने अपने भाई के घर आई नन्हीं परी और अपनी भाभी की देखभाल के लिए छुट्टी की अर्जी भी तैयार की थी, जिसे अंकुर ने जानबूझकर विभाग तक नहीं पहुंचाया।
अवैध संपत्तियों का जाल
मृतका के परिवार ने सवाल उठाया है कि एक साधारण क्लर्क की नौकरी करने वाला व्यक्ति द्वारका में फ्लैट, गन्नौर में 55 लाख का प्लॉट और लाखों के गहने कैसे खरीद सकता है? परिवार का दावा है कि ये तमाम संपत्तियां पेपर लीक के धंधे से बनाई गई हैं। पुलिस अब इन आर्थिक पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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