पानीपत: ट्रांसफार्मर में विस्फोट से दीवार गिरी, मलबे में दबा परिवार, 11 लोग जख्मी, 4 की हालत गंभीर
हादसे के समय दीवार के पास एक मजदूर का परिवार सो रहा था। दीवार गिरने से सभी लोग उसके नीचे दब गए। धमाके की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला।
ट्रांसफॉर्मर में विस्फोट के बाद अस्पताल में भर्ती घायल व गिरी दीवार।
हरियाणा के पानीपत में शुक्रवार की सुबह जोरदार बिजली विस्फोट ने कई जिंदगियों को संकट में डाल दिया। गांव शेरा में स्थित 'चौधरी लेयर पोल्ट्री फार्म हाउस' के नजदीक लगे एक विशाल बिजली ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण धमाका हो गया। इस हादसे की चपेट में आने से कुल 11 लोग झुलस गए, जिनमें से एक ही परिवार के चार लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
धमाके की तीव्रता ने ढहा दी दीवार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह जब लोग अपनी दिनचर्या शुरू ही कर रहे थे, तभी पोल्ट्री फार्म के पास लगे ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी के चलते एक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि उससे उत्पन्न कंपन और दबाव के कारण पास में स्थित हैचरी की कंक्रीट की दीवार ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। बदकिस्मती से दीवार के दूसरी तरफ एक मजदूर परिवार सो रहा था, जो सीधे मलबे की चपेट में आ गया।
नींद में था परिवार
हादसे के समय पीड़ित परिवार गहरी नींद में था और परिवार के लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। मलबे के नीचे दबने और झुलसने वालों में 35 वर्षीय मनसा राम, उनकी 25 वर्षीय रिश्तेदार रंजना, 11 साल का नितेश और महज 9 साल की सोनम शामिल हैं। मलबे में दबने के साथ-साथ ये लोग ट्रांसफार्मर से निकले ज्वलनशील गर्म तेल और आग की लपटों से भी जख्मी हो गए।
ग्रामीणों की मुस्तैदी से बची जान
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और हैचरी के कर्मचारी तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां चारों ओर धूल का गुबार और चीख-पुकार मची थी। ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने हाथों से मलबा हटाना शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे चारों सदस्यों को बाहर निकाला।
11 घायलों में 4 लोग रेफर
हादसे के तुरंत बाद सभी 11 घायलों को मतलौडा के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से मनसा राम, रंजना और दोनों बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत पानीपत के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों की स्थिति फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है और मेडिकल टीम उनकी जान बचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अन्य सात घायलों का उपचार स्थानीय स्तर पर चल रहा है।
पुराने और खतरनाक ट्रांसफार्मरों को बदलने की मांग
इस घटना ने एक बार फिर जर्जर बिजली उपकरणों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि इलाके के पुराने और खतरनाक ट्रांसफार्मरों को बदला जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। स्थानीय पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है और घायलों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग भी जोर पकड़ रही है।
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