Ghaziabad Passport Scam: गाजियाबाद में फर्जी पते पर बनाए 22 पासपोर्ट, डाकिया समेत 5 गिरफ्तार, 25 पर FIR

Ghaziabad Passport Scam: गाजियाबाद पासपोर्ट घोटाल में पुलिस ने 25 के खिलाफ केस दर्ज किया है, वहीं 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Updated On 2026-02-02 17:57:00 IST

गाजियाबाद पासपोर्ट घोटाल में 25 के खिलाफ केस दर्ज किया है।

Ghaziabad Passport Scam: गाजियाबाद में पुलिस ने पासपोर्ट फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। बताया जा रहा है कि यहां पर एक ही मोबाइल नंबर की मदद से पासपोर्ट बनाए जा रहे थे। आरोपी शातिर तरीके से सिस्टम की नाक के नीचे एक ही पते और नंबर पर 22 पासपोर्ट जारी कर रहे थे। मामले के बारे में जब गाजियाबाद के भोजपुर थाने की पुलिस को पता लगा तो, उन्होंने इसकी गहनता से जांच की। जांच में पता लगा कि यह केवल धोखाधड़ी नहीं बल्कि बहुत बड़ा नेटवर्क है।

भोजपुर कमिश्नरेट पुलिस की जांच में सामने आया कि कई आवेदकों ने गलत पता देकर पासपोर्ट बनवा लिए थे, यह आवेदक उन गांवों में कभी नहीं रहे, जिनके पते कागजों में दिखाए गए थे। पुलिस ने कहा कि भोजपुर, त्यौड़ी, सैदपुर हुसैनपुर और अतरौली जैसे गांवों के फर्जी पते दिखाकर कम से कम 22 पासपोर्ट जारी किए थे। इसे लेकर पुलिस ने संबंधित ग्राम प्रधानों से भी बातचीत की, जिसके बाद उन्होंने लिखित में बताया यह लोग उनके गांव के निवासी नहीं है।

पोस्टमैन अरुण ने पुलिस को क्या बताया ? 

पूरे घोटाले की अहम कड़ी भोजपुर पोस्ट ऑफिस का पोस्टमैन अरुण निकला। पूछताछ में अरुण ने बताया कि करीब 5 महीने पहले विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा नाम के दो व्यक्तियों से उसकी मुलाकात हुई थी। दोनों ने अरुण को झांसा दिया कि जितने भी पासपोर्ट इन पतों पर आएंगे, उन्हें पते पर न बांटकर सीधे उन्हें दे दिया जाए। इस काम के बदले आरोपियों ने पोस्टमैन को हर पासपोर्ट पर 2000 रुपये देने का वादा किया था। पैसों के लालच में आकर पोस्टमैन अरुण भी इस साजिश में शामिल हो गया।

BNS की धारा में केस दर्ज

पुलिस जांच में पता लगा कि पासपोर्ट के लिए जो आधार कार्ड, बैंक पासबुक और दूसरे डॉक्यूमेंट्स लगाए गए थे, उन्हें पूरी तरह फर्जी तरीके से तैयार किया गया था। दिल्ली के रीजनल पासपोर्ट अधिकारी ने साल 2025, दिसंबर में गाजियाबाद पुलिस को घोटाले को लेकर लेटर लिखा था। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, जिसमें खासतौर से अगस्त और सितंबर 2022 में सबसे ज्यादा पासपोर्ट बनाए गए थे।

पुलिस ने इस मामले में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत 25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिसमें पोस्टमैन अरुण कुमार, मास्टरमाइंड विवेक गांधी और प्रकाश शुक्ला समेत कई लोग शामिल है। फिलहाल पुलिस ने पोस्टमैन अरुण कुमार समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं गिरोह से जुड़े दूसरे सदस्यों की भी तलाशी की जा रही है।

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