हरियाणा और दिल्ली-NCR में फिर कांपी धरती: 3 दिनों में दूसरी बार आया भूकंप, जानें बार-बार क्यों हिल रहा है इलाका
देश की राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा में सोमवार सुबह 8:44 बजे जब लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, तभी अचानक धरती डोलने लगी और लोग दहशत में अपने घरों व दफ्तरों से बाहर निकल आए।
हरियाणा और दिल्ली में फिर लगे भूकंप के झटके।
हरियाणा के सोनीपत और दिल्ली से सटे इलाकों में सोमवार की सुबह डर और दहशत के साथ हुई। हफ्ते की शुरुआत में ही भूकंप के झटकों ने लोगों को घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। पिछले तीन दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब इस क्षेत्र में जमीन के अंदर हलचल महसूस की गई है। हालांकि, रिक्टर स्केल पर तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बार-बार आती ये लहरें चिंता का विषय बनी हुई हैं।
सुबह-सुबह महसूस हुए झटके, नॉर्थ दिल्ली था केंद्र
नेशनल सिस्मोलॉजी सेंटर (NCS) के आंकड़ों के अनुसार सोमवार सुबह 8:44 बजे दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके लगे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 मापी गई। इस भूकंप का मुख्य केंद्र उत्तरी दिल्ली (North Delhi) रहा। वैज्ञानिकों ने बताया कि जमीन के महज 5 किलोमीटर नीचे यह हलचल पैदा हुई थी, जिसकी वजह से सोनीपत और दिल्ली बॉर्डर से सटे हरियाणा के इलाकों में लोगों ने कंपन महसूस किया।
3 दिन में दूसरी बार हिली सोनीपत की जमीन
गौरतलब है कि अभी तीन दिन पहले यानी 16 जनवरी 2026 को भी हरियाणा के सोनीपत जिले का गोहाना क्षेत्र भूकंप से दहल उठा था। उस समय झटके आज के मुकाबले कहीं अधिक तेज थे और रिक्टर स्केल पर उनकी तीव्रता 3.5 दर्ज की गई थी। उस दौरान लोग दहशत में दुकानों और घरों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे थे। आज की घटना ने उस पुराने डर को एक बार फिर ताजा कर दिया है।
पिछले 8 महीनों में हरियाणा में आए भूकंप का रिकॉर्ड
हरियाणा में पिछले कुछ समय से भूगर्भीय हलचलें काफी बढ़ गई हैं। जून 2025 से अब तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कई बार धरती डोल चुकी है।
• 27 जून 2025: महेंद्रगढ़ में 2.8 तीव्रता का भूकंप आया।
• 10 जुलाई 2025: झज्जर केंद्र रहा, जहां 4.4 तीव्रता के तेज झटके लगे। इसका असर गुरुग्राम और रोहतक तक रहा।
• 11 जुलाई 2025: अगले ही दिन झज्जर में फिर 3.7 तीव्रता की हलचल हुई।
• 16-17 जुलाई 2025: रोहतक में देर रात 3.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
• 17 जुलाई 2025: झज्जर में दोपहर के समय 2.5 तीव्रता के झटके लगे।
• 22 जुलाई 2025: फरीदाबाद में सुबह-सुबह 3.2 तीव्रता की हलचल महसूस हुई।
• 10 अगस्त 2025: झज्जर में फिर से 3.1 तीव्रता का भूकंप आया।
• 16 जनवरी 2026: गोहाना (सोनीपत) में 3.5 तीव्रता का झटका लगा।
• 19 जनवरी 2026: ताजा मामला, नॉर्थ दिल्ली केंद्र और सोनीपत में 2.8 तीव्रता।
इसलिए बार-बार कांप रहा है हरियाणा
भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार हरियाणा के बार-बार हिलने के पीछे एक बड़ी भौगोलिक वजह है। उत्तराखंड के देहरादून से लेकर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले तक जमीन के नीचे एक 'फॉल्ट लाइन' (दरार) मौजूद है। जब भी जमीन के अंदर टेक्टोनिक प्लेट्स में हलचल होती है, तो इस लाइन के आसपास कंपन पैदा होता है। प्लेटों के आपस में टकराने या दबाव बढ़ने से ऊर्जा बाहर निकलती है, जिसे हम भूकंप के झटकों के रूप में महसूस करते हैं।
पृथ्वी सात मुख्य और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स पर टिकी है
हमारी पृथ्वी सात मुख्य और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स पर टिकी है। ये प्लेट्स स्थिर नहीं हैं, बल्कि अंदरूनी गर्मी के कारण तैरती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने की कोशिश करती हैं, तो किनारों पर दबाव बढ़ जाता है। ज्यादा दबाव होने पर प्लेट्स टूटने लगती हैं और उनसे निकलने वाली भारी ऊर्जा धरती की सतह पर कंपन पैदा करती है।
हालांकि सोमवार को आए भूकंप की तीव्रता कम थी, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि छोटे-छोटे झटके इस बात का संकेत हैं कि जमीन के नीचे ऊर्जा का दबाव बना हुआ है। अगस्त में झज्जर के गांव बीड़ सुनार में आए 3.1 तीव्रता के भूकंप से मकानों में दरारें तक आ गई थीं, जिससे यह स्पष्ट है कि कम तीव्रता का भूकंप भी पुरानी इमारतों के लिए खतरनाक हो सकता है।
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