Republic Day: गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में दिखेगी खास झांकी, देश जानेगा अहिल्या बाई का गौरवशाली इतिहास
Republic Day: राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश की तरफ से एक खास झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इस झांकी में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस बार दिल्ली में गणतंत्र पर दिखेगी लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की झांकी
Republic Day: 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड होगी। इस परेड में मध्य प्रदेश की झांकी बहुत खास होगी, जो लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित है। यह झांकी उनकी 300वीं जयंती के अवसर पर बनाई गई है। पूरा देश उनकी गौरवशाली कहानी और योगदान को जान पाएगा।
किस नाम से होगी झांकी
मध्य प्रदेश की यह भव्य झांकी "पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर" नाम से होगी। यह झांकी अहिल्याबाई के जीवन, उनके सुशासन, नारी सशक्तिकरण और आध्यात्मिक योगदान को दिखाएगी। इस साल गणतंत्र दिवस की मुख्य थीम 'वंदे मातरम' (स्वतंत्रता का मंत्र) और 'आत्मनिर्भर भारत' (समृद्धि का मंत्र) है। मध्य प्रदेश ने अहिल्याबाई के अद्भुत शासन मॉडल को इसी थीम से जोड़ा है।
झांकी में क्या-क्या दिखेगा
झांकी के अगले हिस्से में अहिल्याबाई की प्रतिमा होगी, जो हाथ में पवित्र शिवलिंग लिए कमल पर बैठी दिखाई देंगी। यह दृश्य मातृ शक्ति की कोमलता और मजबूत आध्यात्मिक ताकत का प्रतीक होगा। झांकी में उनके महान कार्यों को जीवंत रूप से दिखाया जाएगा, जैसे मंदिर निर्माण, घाट बनवाना, कुएं-बावड़ियां, सड़कें सुधारना और लोगों की भलाई के काम। लोक कलाकारों के पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत होंगे, जो झांकी को और आकर्षक बनाएंगे।
उनके योगदान का वर्णन
देवी अहिल्याबाई होलकर 18वीं शताब्दी की महान रानी थीं। उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था। वे मल्हारराव होलकर के पुत्र खंडेराव की पत्नी थीं। पति की मृत्यु के बाद उन्होंने मालवा राज्य (मध्य प्रदेश क्षेत्र) की बागडोर संभाली। उन्होंने न्यायपूर्ण शासन किया, गरीबों की मदद की और पूरे भारत में कई तीर्थस्थलों पर मंदिर, घाट और कुएं बनवाए। वे नारी शक्ति और सुशासन का बेहतरीन उदाहरण हैं। उनकी मृत्यु 13 अगस्त 1795 को हुई।