Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट का बृजभूषण की याचिका पर सख्त रुख, 21 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
Delhi High Court: दिल्ली ने हाईकोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न मामले की याचिका पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि निचली अदालत की सुनवाई पर कोई रोक नहीं है। पढ़िए पूरी खबर....
दिल्ली हाईकोर्ट से बृजभूषण शरण सिंह को लगा झटका
Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि महिला पहलवानों द्वारा पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न मामले में निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) की सुनवाई पर कोई रोक नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट में कार्यवाही सामान्य रूप से जारी रहेगी। यह मामला 2023 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा है, जिसमें कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे।
बहस में देरी पर कोर्ट की नाराजगी
बृजभूषण की ओर से FIR और लगाए गए आरोपों को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने मुख्य वकील की अनुपस्थिति का हवाला देकर सुनवाई टालने की मांग की। इस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने सवाल उठाया कि याचिका पर अभी तक बहस क्यों नहीं हुई और देरी क्यों हो रही है।
21 अप्रैल तक टला मामला
कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली सुनवाई पर याचिकाकर्ता पक्ष को अपनी बहस पूरी करनी होगी, अन्यथा याचिका खारिज करने पर विचार किया जा सकता है। साथ ही, कोर्ट ने दोबारा दोहराया, “यह स्पष्ट किया जाता है कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं है।” सुनवाई को 21 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है और उस दिन ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड भी मंगवाए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई थी FIR
यह मामला महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने बृजभूषण पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज हुई और ट्रायल कोर्ट में आरोप तय किए गए। बृजभूषण ने हाईकोर्ट में FIR और आरोपों को चुनौती दी है, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल ट्रायल रुकने से इनकार कर दिया है। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने और अनावश्यक देरी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण है।