वायरल वीडियो से बदली मासूम की किस्मत: मंत्री केदार कश्यप ने 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करवायी व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल

सुदूर गांव में रहने वाले प्रवीण की शारीरिक असमर्थता का वीडियो वायरल होने के बाद मंत्री केदार कश्यप ने 24 घंटे के भीतर व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी।

Updated On 2026-01-29 19:02:00 IST

विकलांग प्रवीण को दिलाई गई व्हीलचेयर 

अनिल सामंत- जगदलपुर। कभी हाथों के सहारे रेंगकर चलने को मजबूर मासूम की आंखों में आज नई चमक और चेहरे पर मुस्कान है। एक भावुक वीडियो ने समाज और शासन का ध्यान उसकी पीड़ा की ओर खींचा और देखते ही देखते उसकी दुनिया बदल गई। यह घटना न केवल त्वरित प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण बनी, बल्कि यह भी साबित किया कि मानवीय सरोकार जब प्राथमिकता बनते हैं, तो समाधान देर नहीं लगाता।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र के एक सुदूर गांव में रहने वाला यह बच्चा शारीरिक असमर्थता के कारण अपने छोटे-छोटे सपनों को भी पूरा नहीं कर पा रहा था। दोस्तों के साथ बाहर जाने और सामान्य जीवन जीने की इच्छा उसके लिए एक चुनौती बनी हुई थी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने आम लोगों के साथ-साथ शासन को भी झकझोर दिया। संज्ञान लेते ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए और मात्र 24 घंटे के भीतर छग प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बच्चे को व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। 


बच्चे के चेहरे पर लौटी मुस्कान
सहायता मिलने के बाद बच्चे के चेहरे पर लौटी मुस्कान और परिवार की आंखों में दिखी राहत ने इस पहल को और भी अर्थपूर्ण बना दिया। यह पहल केवल एक उपकरण देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस घटना ने यह भी दर्शाया कि जिन क्षेत्रों को कभी उपेक्षा और भय से जोड़ा जाता था, वहां अब विकास के साथ-साथ संवेदनशीलता भी मजबूती से स्थापित हो रही है।

लोगों ने शासन के कार्य को सराहा
इस पूरे घटनाक्रम में शासन की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा गया कि दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस संवेदनशील पहल से जुड़े वक्तव्य और सहयोग में छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप, सोनपुर बांधपारा निवासी दिव्यांग बालक प्रवीण नूरेटी तथा उसके पिता राजेंद्र नूरेटी का उल्लेख किया गया। 


24 घंटे के भीतर दिव्यांग बच्चे को दिया गया व्हीलचेयर
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले पर तत्काल संज्ञान लिया गया। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को निर्देश जारी हुए। 24 घंटे के भीतर दिव्यांग बच्चे को व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई। इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से न केवल बच्चे की राह आसान हुई, बल्कि परिवार को भी नई उम्मीद और भरोसा मिला- जो यह दर्शाता है कि संवेदनशील शासन और सजग समाज मिलकर सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

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