नए साल पर कवर्धा को मिली विकास की सौगात: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 146 करोड़ की लागत से भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का किया भूमिपूजन

सीएम विष्णुदेव साय और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कवर्धा जिले में 146 करोड़ लागत की से भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन किया।

Updated On 2026-01-01 19:10:00 IST

सीएम विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया भूमिपूजन 

संजय यादव- कवर्धा। नए साल की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले को गुरुवार को 146 करोड़ लागत की भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन हुआ। जिसमें सीएम विष्णुदेव साय और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दोनों डिप्टी सीएम, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पंडरिया विधायक भावना बोहरा उपस्थित रहे।

यह परियोजना छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के केंद्रों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का विकास स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत किया जा रहा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और पर्यटन स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा और सरोदा जलाशय तक विस्तारित होगी। 

पर्यटन में होगी बढ़ोत्तरी
इस परियोजना की कुल लागत 146 करोड़ रुपये है और इसे पूरी तरह से भव्य रूप में विकसित किया जाएगा। ताकि, पर्यटन की दृष्टि से इस क्षेत्र का महत्व और भी बढ़ सके। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत भोरमदेव मंदिर परिसर और आसपास के ऐतिहासिक स्थलों का समग्र विकास किया जाएगा। जिससे न केवल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बल्कि, स्थानीय समुदाय की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

भोरमदेव को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पहचान
अपने संबोधन के दौरान पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वप्न दृष्टा के अनुरूप हमारे आस्था के केंद्रों सनातन संस्कृति और मान बिंदुओं को विकसित सहेजने स्वदेश दर्शन योजना लागू की गई है। जिसके अंतर्गत भोरमदेव में कारीडोर बनाने के लिए 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। जिससे इस पावन भोरमदेव को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। 

मंदिर की तरह कॉरिडोर का रखें ध्यान
उन्होंने आगे कहा कि, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि, इस कारीडोर को न केवल बनाने में बल्की गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए सभी को ध्यान देना है। जिस तरह भोरमदेव मंदिर का इतिहास एक हजार साल पुराना है। वैसे ही कारीडोर भी एक हजार साल तक सुरक्षित रहे और हमारे प्रधानमंत्री मोदी का यह काल युगों युगों तक याद रहे।

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