राजधानी में दो तरह की पुलिसिंग: अफसरों की नियुक्ति के बाद बैठक व्यवस्था बिगड़ी

जिले के साथ राजधानी की कानून व्यवस्था में कसावट लाने के लिए शासन स्तर पर दो तरह की पुलिसिंग की व्यवस्था की गई है।

Updated On 2026-01-29 13:13:00 IST

File Photo 

रायपुर। जिले के साथ राजधानी की कानून व्यवस्था में कसावट लाने के लिए शासन स्तर पर दो तरह की पुलिसिंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस लाइन से कमिश्नरेट के साथ ग्रामीण पुलिसिंग के लिए बल की व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीण पुलिस के लिए फिलहाल अलग से पुलिस लाइन की व्यवस्था नहीं की गई है। इसी के साथ पुलिस कमिश्नरेट के साथ रायपुर पुलिस ग्रामीण के अफसरों के बैठने की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके कारण कई पुलिस अफसरों की एक ही कार्यालय में बैठक व्यवस्था की गई है। स्थिति यह है कि कमिश्नर कार्यालय में बैठने वाले पुलिस आयुक्त अतिरिक्त पुलिस आयुक्त को छोड़ किसी अन्य अफसर के बैठने की व्यवस्था नहीं है।

पुलिस कमिश्नरेट में शामिल अफसरों की बैठक व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले से संपर्क किया गया, तो उनका कहना है, अफसरों की बैठक व्यवस्था बनाने उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द ऑफिस उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी। पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में वर्तमान में पुलिस आयुक्त के साथ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के बैठने की व्यवस्था है। इसके साथ ही क्लर्की कार्य करने वाले क्लर्क के लिए ऑफिस व्यवस्था की गई है।

रिकार्ड की हो रही छंटाई
रायपुर ग्रामीण के साथ पुलिस कमिश्नरी में शामिल थाना क्षेत्रों की जिला विशेष शाखा से रिकार्ड की छंटाई की जा रही है। रिकार्ड की छंटाई होने के बाद पुलिस की डीएसबी तथा ओएम शाखा अपना काम शुरू करेगी। अफसरों ने जिला तथा शहरी थाना क्षेत्र के पुलिस रिकार्ड की जल्द से जल्द छंटाई का काम पूरा करने निर्देश दिए हैं।

पुलिस कमिश्नरेट में 31 अधिकारी शामिल
पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सहित कुल 31 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इनमें से आधे से ज्यादा लोगों को ऑफिस नहीं मिला है। कमिश्नरेट में शामिल पुलिस अफसरों में पांच डीसीपी हैं। आठ अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तथा 16 सहायक पुलिस आयुक्त हैं। इनमें अतिरिक्त पुलिस के साथ 16 सहायक पुलिस आयुक्त राज्य पुलिस सेवा के अफसर हैं।

व्यवस्था बनाने में एक पखवाड़ा से ज्यादा का समय
अलग-अलग पुलिस अफसरों से बात करने पर उन लोगों ने व्यवस्था सुधरने में एक पखवाड़ा से ज्यादा समय लगने की जानकारी दी है। रायपुर ग्रामीण के ज्यादातर पुलिस अफसरों के बैठने की व्यवस्था नवा रायपुर सीबीडी बिल्डिंग में किए जाने की जानकारी मिल रही है। नवा रायपुर में ही क्राइम एएसपी के बैठने की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।

दो डीसीपी सी-फोर बिल्डिंग में
मध्य क्षेत्र में शामिल सात थाना सिविल लाइन देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मौदहापारा, गोलबाजार के डीसीपी तथा क्राइन डीसीपी को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सी-फोर बिल्डिंग में ऑफिस अलॉट किया गया है। सिविल लाइंस थाना के पुरानी बिल्डिंग स्थित क्राइम एएसपी संदीप मित्तल के ऑफिस को क्राइम डीसीपी के लिए अलॉट किया गया है। इसी तरह से रायपुर पश्चिम के डीसीपी का ऑफिस आमानाका थाना परिसर में है। रायपुर उत्तर के डीसीपी का अब तक कार्यालय के जगह तय नहीं है। राज्य पुलिस सेवा के अफसर फिलहाल डीसीपी के ऑफिस में बैठ रहे हैं।

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