8 फरवरी को एक साथ तीन परीक्षाएं: यूपीएससी और व्यापम एक ही दिन लेगा इंजीनियरिंग भर्ती परीक्षा, इसी दिन सीटेट भी
व्यापम और यूपीएससी की भर्ती परीक्षाएं एक ही दिन होने के कारण अभ्यर्थियों को दोनों में से किसी एक परीक्षा को छोड़ना होगा।
रायपुर। इंजीनियरिंग भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने नया संकट आ गया है। व्यापम और यूपीएससी की भर्ती परीक्षाएं एक ही दिन होने के कारण अभ्यर्थियों को दोनों में से किसी एक परीक्षा को छोड़ना होगा। सीजी व्यापम द्वारा 8 फरवरी 2026 को एनआरडीए अर्थात नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के अंतर्गत जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा ली जाएगी। इसी दिन यूपीएससी द्वारा इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा प्रीलिम्स भी ली जाएगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को एक परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा।
परीक्षार्थियों का रोष इसे लेकर फूट पड़ा है। सोशल साइट्स से लेकर अन्य माध्यमों में उनके द्वारा इसे लेकर आपत्ति दर्ज कराई जा रही है। कैंडिडेट्स का कहना है कि उनके द्वारा इसी विषय में व्यापम को आवेदन दिया जा चुका है। अपनी स्थिति से वे व्यापम को अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई राहत मिलते नजर नहीं आ रही है। इस कारण उनमें हताशा है। गौरतलब है कि व्यापम एनआरडीए के अंतर्गत रिक्त सिविल, मैकेनिकल व इलेट्रिकल के जूनियर इंजीनियर पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित कर रहा है।
बीएड डिग्रीधारी इंजीनियरिंग छात्रों पर दोहरा संकट
8 फरवरी को ही सीटेट अर्थात केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा भी आयोजित की जा रही है। इस कारण भी हजारों अभ्यर्थियों के सामने अत्यंत कठिन परिस्थिति उत्पन्न हो गई है। विशेष रूप से उन इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा, जिनके पास बीएड (बैचलर ऑफ एजूकेशन) की डिग्री है। सीटेट देश की सर्वाधिक प्रतिष्ठित एवं राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में से एक है, जबकि एनआरडीए जूनियर इंजीनियर की भर्ती छत्तीसगढ़ राज्य में अत्यंत महत्वपूर्ण रोजगार अवसर प्रदान करती है। ऐसे में दोनों परीक्षाओं की एक ही तिथि होने से अभ्यर्थियों को अपने कॅरियर के दो महत्त्वपूर्ण अवसरों में से एक को अनिच्छा से त्यागना पड़ेगा, जो न्यायसंगत नहीं है तथा उनके भविष्य को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है। परीक्षार्थियों ने व्यापम से आग्रह किया है कि जूनियर इंजीनियर परीक्षा की तिथि को पुनर्निर्धारित करने पर यथोचित विचार करें, ताकि यह किसी अन्य प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा से न टकराए।