अजूबा चांदी: चार लाख के पार जाकर 48 घंटे में 2 लाख 95 हजार पर फिसली

चांदी में नए साल में जिस तरह का दाम को लेकर खेल चल रहा है, वह समझ के बाहर है। कारोबारियों के साथ निवेशक भी नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर हो क्या रहा है।

Updated On 2026-02-01 12:52:00 IST

File Photo 

रायपुर। चांदी में नए साल में जिस तरह का दाम को लेकर खेल चल रहा है, वह समझ के बाहर है। कारोबारियों के साथ निवेशक भी नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर हो क्या रहा है। पहले कभी एमसीएक्स में ऐसा नहीं होता था। रात को 12 बजे भी दाम बहुत ज्यादा कम ज्यादा हो रहे हैं। अब शुक्रवार रात की बात लें, रात को 12 बजे 339000 से दाम अचानक 255000 हो गए। इसके बाद फिर दाम तीन लाख के पार हो गए। गुरुवार को दाम चार लाख के पार चले गए थे।

48 घंटों में दाम 118000 हजार कम होकर शनिवार की शाम को जीएसटी के साथ दाम 295000 हो गए। इसके पहले एक ही दिन में शुक्रवार को 82700 रुपए दाम कम हुए थे। चांदी के दाम गुरुवार को बाजार बंद होने पर 4 लाख 13 हजार 700 रुपए थे। इस दाम में शुक्रवार की शाम को छह बजे 71700 रुपए की कमी आ गई और दाम 3 लाख 42000 हो गए। इसके एक घंटे बाद सात बजे जब दाम खुले तो दाम और 11 हजार कम होकर दाम 3 लाख 31000 रुपए हो गए। आधे घंटे बाद दाम में 9 हजार की तेजी आई और दाम 33900 हो गए।

निवेशक भी परेशानी में
चांदी के कम ज्यादा होते दामों के कारण निवेशक भी अब परेशानी में पड़ गए। निवेशकों को समझ ही नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए। जिस तरह से एक झटके में 80 से 90 हजार दाम कम हो जा रहे हैं, उससे चांदी में निवेश भी खतरनाक हो गया है। महज फायदे के लिए निवेश करने वाले भी सोच में पड़ गए हैं कि आखिर निवेश करें या नहीं।

कारोबार पूरी तरह से चौपट
चांदी का कारोबार करने वाले सराफा कारोबारी बहुत दयनीय स्थिति में चले गए हैं। कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है। चांदी में निवेश करने वाले ग्राहकों के साथ ही जेवर लेने वालों का भी टोटा हो गया है। चांदी के थोक कारोबारी लक्ष्मी नारायण लाहोटी के मुताबिक चांदी के जेवर अब वही खरीद रहे हैं जिनको शादी के लिए जरूरत है। इसमें भी अब बहुत कम ग्राम की खरीदारी हो रही है। चांदी की पायल अब 10 और 20 ग्राम की ही बिक पा रही है।

रात को 84 हजार का झटका
शुक्रवार की रात को 12 बजे चांदी के दाम ने 84 हजार का झटका दे दिया और दाम 255000 हो गया। हालांकि ये दाम ज्यादा समय तक नहीं रहा। इसके बाद पहले दाम तीन लाख और फिर दाम तीन लाख पांच हजार हो गए। शनिवार की सुबह को दाम तीन लाख पांच हजार रहे। ये दाम शाम होते-होते दो लाख 95 हजार हो गए। शनिवार को तो सुबह से लेकर शाम तक दाम दस हजार ही घटे, लेकिन गुरुवार से लेकर शनिवार की शाम तक के 48 घंटों में दाम एक लाख 18 हजार टूटे। सराफा कारोबारी हरख मालू के मुताबिक इतने कम समय में पहले कभी इतने दाम कम ज्यादा नहीं हुए हैं।

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