सूरजपुर के उमापुर धान खरीदी केंद्र में बवाल: तौल को लेकर किसान और हमालों में जमकर मारपीट, वीडियो वायरल
सूरजपुर जिले के उमापुर धान खरीदी केंद्र में धान की तौलाई को लेकर किसान और हमाल आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि, जमकर मारपीट हुई।
उमापुर धान खरीदी केंद्र
नौशाद अहमद- सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के धान खरीदी केंद्र में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, धान की तौलाई को लेकर किसान और हमाल आपस में भिड़ गए। मामूली कहासूनी देखते ही देखते लात-घूंसे की मारपीट में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासन और पुलिस महकमें में हलचल मच गई है। यह पूरा मामला जिले के उमापुर का है।
मिली जानकारी के अनुसार, धान बेचने आए किसान और हमालों के बीच तौलाई को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान किसान के बेटे मौके पर पहुंच गए, जिससे विवाद और भड़क गया। बात इतनी बढ़ गई कि, दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई होने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। घटना के बाद हमालों की ओर से किसान के बेटों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
धान खरीदी के सिस्टम में बड़ा बदलाव
धान खरीदी व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया को बंद करने का निर्णय लिया है। अब किसानों को धान बेचने के लिए ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है। ऐसे में अब किसानों को लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। नई व्यवस्था के तहत किसान अब सहकारी समिति केंद्रों से सीधे ऑफलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
इससे उन किसानों को राहत मिलेगी जिन्हें ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऑफलाइन टोकन व्यवस्था से धान खरीदी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और तेज होगी तथा ग्रामीण इलाकों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह फैसला छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर चल रही समस्याओं के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
किसानों की परेशानियों के चलते लिया गया निर्णय
कोरबा में धान न बिकने और टोकन न मिलने से नाराज किसान ने आत्महत्या करने की कोशिश की। किसान को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उसका इलाज जारी है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कोरबा सांसद ने किसानों की दशा पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, किसान घर में पड़ा रहा धान पर नहीं बेच पाया था। जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया है।