2025 में गुंडे-बदमाशों पर कसा शिकंजा: राजिम पुलिस ने पिछले साल 7 बदमाशों को किया जिलाबदर, 653 पर हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

राजिम क्षेत्र के लिए साल 2025 अपराधियों में हड़कंप मचाने वाला रहा। कई अभियानों और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर पुलिस ने अपराधों पर अंकुश लगाए रखा।

Updated On 2026-01-02 19:20:00 IST

पुलिस थाना राजिम

श्यामकिशोर शर्मा- राजिम। बीता साल 2025 में राजिम पुलिस के लिए अपराध नियंत्रण के लिहाज से एक निर्णायक वर्ष साबित हुआ। पुलिस ने पूरे साल सुनियोजित रणनीति के तहत गुंडे-बदमाशों, आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर कड़ा शिकंजा कसते हुए कई बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया।

इन अभियानों के चलते न केवल अपराध दर में कमी आई, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई। अपराधियों के विरुद्ध सख्त अभियान राजिम थाना क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। हत्या के प्रयास, मारपीट, लूट, चोरी, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, अवैध शराब बिक्री, नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों में लिप्त दर्जनों बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

चलाए गए कई तरह के ऑपरेशन
पुलिस ने कई कुख्यात अपराधियों पर गुंडा बदमाश अधिनियम, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट एवं आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की गई। आदतन अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। टीआई अमृत लाल साहू ने बताया कि, थाना क्षेत्र के 7 बदमाशों के ऊपर जिलाबदर की कार्रवाई की और बदमाश किस्म के 653 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया।

बताया कि, थाना क्षेत्र में हत्या एवं हत्या के प्रयास के 12 मामले दर्ज किया गया। 5 धोखाधड़ी साइबर अपराध जिसके रोकथाम हेतु जनजागरूकता अभियान चलाया गया। 14 महिलाओं एवं बच्चो के साथ होने वाली छेड़छाड़, बलात्कार और यौन उत्पीड़ने के मामले दर्ज किया गया जिसमें नाबालिक बच्चों वाले मामलों को तत्काल आपरेशन मुस्कान के तहत दस्तयाम कर आरोपियो को न्यायायिक रिमांड में भेजा गया।

अपराधियों को पकड़ने में तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल
टीआई श्री साहू ने बताया कि, उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं निर्देश पर पुलिस तकनीकी संसाधनों का उपयोग करके मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल, गुमशुदा बालिकाओं की तलाश हेतु टीम गठित कर दीगर राज्यों और जिलों में दबिश देकर 69 लापता युवक युवतियों, महिलाओं, बालक व पुरूषों को बरामद कर सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया गया। शराब, गांजा एवं नशीली दवाइयों की बिक्री एवं परिवहन तथा खुले स्थानो पर सेवन करने वालों के विरूद्ध 9 नारकोटिक्स 1 नशीली दवाई एवं 153 मामले मादक शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की गई।

लोगों में भय व्याप्त करने अवैध शस्त्र लेकर लहराने एवं लोगो को डराने वाले 7 बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा गया। चोरी लूट नकबजनी के 9 मामले दर्ज किए गए। सोना चांदी व किमती सामान बरामद किया गया जिसमें 3 लाख 13 हजार रूपए का सोना चांदी था और 5 लाख रूपए की कार। 8 बदमाशो को निगरानी गुंडा सूची में शामिल किया गया है जिस पर निरंतर निगाह रखी जा रही है। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालो के खिलाफ 62 प्रकरण दर्ज किया गया एवं इनसे 6 लाख 20 हजार रूपए की चालानी कार्रवाई की गई। यातायात नियमो के उल्लंघन करने वालो के खिलाफ 688 मामले दर्ज किए गए। 375 मामले में 1 लाख 22 हजार 300 रूपए शासकीय कोष में जमा किया गया। 313 मामले न्यायालय में पेश किया गया।

विशेष चेकिंग और रात्रि गश्त
टीआई श्री साहू ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, ढाबों और सीमावर्ती इलाकों में नियमित वाहन चेकिंग, रात्रिकालीन गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी अभियान चलाए गए। इससे चोरी, चाकूबाजी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगी। कई फरार आरोपियों को भी दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और जिला बदर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका वाले बदमाशों पर धारा 107/116, 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। कुछ आदतन अपराधियों को जिला बदर कर क्षेत्र से बाहर किया गया, जिससे अपराधियों के नेटवर्क पर सीधा प्रहार हुआ।

अवैध शराब और नशे पर प्रहार
2025 में राजिम पुलिस ने अवैध शराब एवं नशे के कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। बड़ी मात्रा में कच्ची-पक्की शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए। इस दौरान कई तस्करों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई। जनसहयोग से मिली सफलता पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन अभियानों में स्थानीय नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। लोगों से मिली सूचनाओं के आधार पर कई अपराधियों को पकड़ा गया। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

पुलिस का स्पष्ट संदेश- अपराधियों के लिए यहां कोई जगह नहीं
राजिम पुलिस का स्पष्ट कहना है कि, क्षेत्र में शांति भंग करने वालों और अपराध फैलाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सकारात्मक असर लगातार की गई इन कार्रवाइयों का असर साफ नजर आ रहा है। अपराधियों में भय का माहौल है, वहीं आम नागरिक स्वयं को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राजिम पुलिस की यह सख्ती क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में एक निर्णायक और उल्लेखनीय वर्ष साबित हुआ।

जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से राजिम पुलिस ने पूरे वर्ष सुनियोजित रणनीति के तहत गुंडे-बदमाशों, आदतन अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप अपराध दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई।

गश्त, चेकिंग और जन सहयोग से अपराधों पर नियंत्रण संभव हुआ
टीआई अमृत लाल साहू ने बताया कि, लगातार गश्त, सघन चेकिंग और जन सहयोग के चलते अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। आदतन अपराधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय नागरिकों से मिली सूचनाओं के आधार पर कई बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया गया।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। लगातार की गई इन कार्रवाइयों से अपराधियों में भय का माहौल है, वहीं आम नागरिक स्वयं को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राजिम पुलिस की यह सख्ती क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस और सराहनीय कदम मानी जा रही है।

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