किसान आज और कल बेच सकेंगे धान: 50 हजार ऐसे जिनके टोकन कट चुके पर धान नहीं बिका

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अवधि खत्म होने के बाद भी 50 हजार से अधिक किसानों को राहत। राज्य सरकार ने 5 और 6 फरवरी को दो दिन की अतिरिक्त खरीदी का फैसला लिया।

Updated On 2026-02-05 10:39:00 IST

धान खरीदी केंद्र (File image)

रायपुर। धान खरीदी की अवधि समाप्त होने के बाद राज्य के तकरीबन 50 हजार किसान टोकन कटाने या आवेदन के बाद भी धान नहीं बेच पाए। इनके लिए अब 5 और 6 तारीख को मौका है। गौरतलब है कि, समर्थन मूल्य पर चल रही धान खरीदी में ऐसे किसान जिनके टोकन कटे थे, उनसे धान खरीदी 5 और 6 फरवरी को करने का निर्णय लिया गया है। तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे।

ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी के बाद टोकन के लिए आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है, ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी के बाद आवेदन किया गया तथा सत्यापन के बाद उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें 28, 29 एवं 30 जनवरी को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे। ऐसे किसानों की संख्या करीब 50,087 है। राज्य सरकार ने किसानों द्वारा लगातार धान खरीदी की अवधि बढ़ाए जाने की मांग किए जाने पर जिलेवार धान नहीं बेवच पाने वाले किसानों की संख्या की जानकारी मंगाई।

ऑनलाइन के बजाय सोसायटियों में आवंदन
31 जनवरी को धान खरीदी की अंतिम तारीख थी। खरीदी के लिए 10 जनवरी के बाद से किसानों का टोकन काटना बंद कर दिया गया था। जिन किसानों का टोकन 31 जनवरी की तारीख का कटा था, उनमें से अधिकतर का धान 28 और 29 तारीख को किए जाने का एलान किया गया था। ऐसे किसान जिन्होंने 10 तक टोकन नहीं कटाया था, उनको टोकन ऑनलाइन के बजाय सोसायटियों में आवंदन देकर लेने कहा गया था। ऐसे किसानों को धान का भौतिक सत्यापन कराने के बाद ही टोकन जारी किए जाना था। धान खरीदी की अवधि खत्म होने के बाद ऐसे हजारों किसानों को टोकन जारी नहीं किया जा सका। समितियों और जिला प्रशासन की गलती के कारण ऐसे किसानों को धान बेचने से वंचित होना पड़ा।

2.42 लाख टन धान की और खरीदी होगी
राजय सरकार द्वारा लिए निर्णय के बाद 50 हजार से अधिक किसानों से लगभग 2 लाख 42 हजार 569 मीट्रिक टन धान खरीदी हो सकती है। टोकन धारी किसानों के अलावा ऐसे भी किसान हैं जिन्हें धान बेचने टोकन ही नहीं मिला और न ही कोई आवेदन समितियों में दे पाए हैं, ऐसे किसानों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।

इन किसानों का धान लिया जाएगा
धान खरीदी के अंतिम दिन तक जिन किसानों को टोकन जारी किया गया था, उनमें 12530-को टोकन कैंसल कर दिया गया था। इन किसानों को दो दिन होने वाली खरीदी में शामिल किया जाएगा। साथ ही 10 जनवरी के बाद टोकन के लिए 29, 591 किसानों के धान का भौतिक सत्यापन सहीं पाए जाने के बाद भी समितियों ने टोकन जारी नहीं किया था। वहीं 7966 ऐसे किसान थे जिन्होंने धान बेचने टोकन के लिए आवेदन लगाया, लेकिन उनके धान का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। अब दो दिन होने वाली खरीदी में उन किसानों का धान खरीदी किया जाएगा।

महासमुंद में सबसे अधिक दंतेवाड़ा में सबसे कम
धान खरीदी के लिए सबसे अधिक वंचित किसानों की संख्या महासमुंद जिले के हैं, जहां के किसानों के 5724 टोकन से धान खरीदा जाएगा। दूसरे नंबर में बेमेतरा जिला है जहां पर किसानों के 3860 टोकन से धान खरीदा जाएगा। कवर्धा में 3114 टोकन से खरीदी होगी। दुर्ग जिले में 2692, बलौदाबाजार में 2250, कांकेर में 1776, सूरजपुर में 1490, बिलासपुर में 1147, बलरामपुर में 1107 और रायपुर में 1102 टोकन धारी किसानों को धान बेचने का मौका मिलेगा। वहीं दंतेवाड़ा जिले में सबसे कम 149 और नारायणपुर जिले में 165 टोकन धारी किसानों का धान बेचने का मौका दो दिन मिलेगा।

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