रायपुर में 15 साल का मेगा ब्लूप्रिंट तैयार: 12,692 करोड़ से राजधानी बनेगी मेट्रो सिटी, सीएम साय ने बड़े प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी

रायपुर के जनकेंद्रित विकास के लिए 12,692 करोड़ का ब्लू प्रिंट तैयार, जिसमें सीवरेज, सड़क, पानी, बिजली और मेट्रो जैसी कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस होगा।

By :  Ck Shukla
Updated On 2026-01-15 16:05:00 IST

रायपुर विकास के ब्लूप्रिंट का पोस्टर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप राजधानी रायपुर के व्यापक और जनकेंद्रित विकास के लिए आगामी 15 वर्षों का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए शहर को मेट्रो स्तर की आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में कई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शामिल हैं।

1500 करोड़ का अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम
बरसात में जलभराव और नालियों के ओवरफ्लो की समस्या को खत्म करने 1500 करोड़ की लागत से नया अंडरग्राउंड सीवरेज नेटवर्क तैयार होगा। इसका पूरा ड्राइंग-डिजाइन भी बनाया जाएगा ताकि भविष्य में अफसरों के बदलने पर भी सिस्टम की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध रहे।

130 करोड़ का नया फिल्टर प्लांट
डूंडा में 100-150 एमएलडी क्षमता वाला आधुनिक फिल्टर प्लांट स्थापित होगा, जो आने वाले 14 वर्षों तक पेयजल की जरूरतें पूरी करेगा।

पंडरी बस स्टैंड में 250 करोड़ का व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स
शहर के प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट को व्यावसायिक हब में बदला जाएगा, जिसमें मल्टी-फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है।

सड़क और कनेक्टिविटी परियोजनाएँ

  • 156 करोड़ से टेमरी एक्सप्रेस-वे को वीआईपी रोड से जोड़ने फोरलेन सड़क
  • 186 करोड़ से नया सड्डू-उरकुरा रोड
  • 2040 तक शहरी सड़कों के लिए दीर्घकालिक योजना

बिजली की अंडरग्राउंड केबलिंग
450 करोड़ से पूरे शहर को अंडरग्राउंड केबलिंग सिस्टम मिलेगा, जिससे बिजली कटौती कम होगी और सुरक्षा बढ़ेगी।

खारुन रिवर फ्रंट का विकास
रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 131 करोड़ की लागत से खारुन रिवर फ्रंट को शहर का नया आकर्षण बनाया जाएगा।

साय का विज़न : ‘मेट्रो सिटी’ के रूप में उभरेगा रायपुर
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, रायपुर को मेट्रो के रूप में विकसित किया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संचार, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि, 'रायपुर के विकास में फंड की कमी नहीं होगी। तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण के लिए यह आवश्यक है।' नगरीय निकायों को अब पहले की तुलना में ढाई गुना ज्यादा संसाधन दिए जाएंगे ताकि बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिल सके।

कुल निवेश- 12,691.96 करोड़
लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जल संसाधन, बिजली कंपनी, हाउसिंग बोर्ड, आरडीए सहित कई विभाग मिलकर अगले 15 साल में इन परियोजनाओं पर काम करेंगे।

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