ओपीएस के लिए नई पेंशन निधि नियम: जमा पैसे सरकारी प्रतिभूतियों में लगाएगी राज्य सरकार
भविष्य में अपने सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन के साथ रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि की अदायगी करनी है। इसमें हर साल बड़ी राशि लगनी है। सरकार ने इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
पेंशन निधि नियम 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के अधीन काम कर रहे करीब चार लाख सरकारी कर्मियों के लिए पेंशन निधि नियम 2026 बनाया गया है। खास बात ये है कि, यह पुरानी पेंशन योजना ओपीएस के सदस्यों के फंड पर लागू होगी। ओपीएस फंड की राशि सरकार, भारत सरकार की प्रतिभूतियों, सुरक्षित बांड और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अनुमोदित अन्य सुरक्षित निवेश साधनों में करेगी। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पेंशन फंड का उपयोग पेंशन फंड की राशि के उपयोग के लिए किया जाएगा।
मोटे तौर पर देखा जाए तो इसे इस तरह समझ सकते हैं कि राज्य सरकार को भविष्य में अपने सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन के साथ रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि की अदायगी करनी है। जाहिर है इस काम में हर साल बड़ी राशि लगनी है। लिहाजा राज्य सरकार ने इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। ये भी तय है कि, आने वाले समय में सरकार पर पेंशन राशि के भुगतान का दायित्व बढ़ना ही है। इसीलिए इस फंड में निवेश के माध्यम से राशि जुटाई जाएगी। यह निधि एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करेगी ताकि भविष्य में पेंशन के भारी वित्तीय बोझ के कारण राज्य के बजट पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
यह किन कर्मियों के लिए होगा?
यह निधि मुख्य रूप से उन कर्मियों के लिए है जो पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के दायरे में आते हैं इनमें वे शासकीय कर्मचारी जिन्होंने एनपीएस छोड़कर ओपीएस का विकल्प चुना है। वे कर्मचारी जो 1 नवंबर 2004 के बाद नियुक्त हुए थे और अब राज्य सरकार की नई पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं।
निधि का विनिवेश ऐसे
निधि में जमा राशि को सुरक्षित और लाभकारी बनाने के लिए इसके विनिवेश हेतु कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। इस राशि का विनिवेश इन क्षेत्रों में किया जा सकेगा। केंद्र और राज्य सरकार की सुरक्षित बॉन्ड्स और प्रतिभूतियों में। पीएसयू बांड सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और विश्वसनीय सरकारी उपक्रमों के ऋण पत्रों में और आरबीआई द्वारा अनुमोदित अन्य सुरक्षित निवेश साधनों में।
निधि प्रबंधन इकाई करेगी ये काम
निधि प्रबंधन इकाई अधिनियम की धारा 9 के अनुसार निवेश के लिए दिशा निर्देश और कार्यनीति तैयार करना और जारी करने, निधि के प्रदर्शन का आंकलन और मूल्यांकन, निवेश, विनिवेश, पुनर्निवेश, पोर्टफोलियो समायोजन की समीक्षा और अनुमोदन करना, अधिनियम और इन नियमों के अनुपालन की निगरानी करने के साथ ही यह सुनिश्चित करने का काम करेगी कि निधि का कोई भी निवेश या संचालन अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन न होl
इस तरह होगा मैनेजमेंट और निधि की निगरानी
इस फंड के संचालन के लिए वित्त विभाग, निधि के प्रबंधन की निगरानी और अधिनियम तथा इन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक निधि प्रबंधन इकाई की स्थापना करेगा। निधि प्रबंधन इकाई में पदेन सचिव, वित्त विभाग अध्यक्ष, संचालक, बजट उपाध्यक्ष होंगे। नियुक्त निधि प्रबंधक के दैनिक संचालन की निगरानी एवं संचार के प्राथमिक संपर्क हेतु सचिव, वित्त विभाग एक नोडल अधिकारी पदाभिहित करेंगे, जो उप-सचिव की श्रेणी से निम्न नहीं होगा।