हाईकोर्ट का फैसला: तिग्गा का प्रमोशन निरस्त, शांडिल्य को डीआईजी जेल बनाने का आदेश
हाईकोर्ट ने जेल विभाग से जुड़े मामले की सुनवाई में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि अमित शांडिल्य को फिर से डीआईजी जेल के पद पर पदोन्नति दी जाएगी।
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बिलासपुर। हाईकोर्ट ने जेल विभाग से जुड़े मामले की सुनवाई में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि अमित शांडिल्य को फिर से डीआईजी जेल के पद पर पदोन्नति दी जाएगी। इसके साथ ही वरिष्ठता क्रम को नजर अंदाज कर डीआईजी जेल बनाए गए एसएस तिग्गा का प्रमोशन रद्द कर दिया गया है। जेल विभाग में सुपरिंटेंडेंट जगदलपुर सेंट्रल जेल के पद पर कार्यरत अमित शांडिल्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने बताया था कि विभागीय पदोन्नति समिति की डीपीसी में उनकी वरिष्ठता और निर्धारित पात्रता के मापदंडों को दरकिनार कर दिया गया।
वरिष्ठता सूची में उनका ना मपहले स्थान पर था पर उन्हें सुपर शीड करते हुए एसएस तिग्गा को डीआईजी जेल के पद पर प्रमोशन दे दिया गया। जिसके खिलाफ अमित शांडिल्य ने हाईकार्ट में याचिका लगाई। अपनी याचिका में उन्होंने गृह विभाग के प्रमुख सचिव, डीजी जेल, सीजी पीएससी और एसएस तिग्गा को पार्टी बनाया। सुनवाई जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच में हुई। सुनवाई में अदालत ने पाया कि पदोन्नति प्रक्रिया में सेवन नियमों और वरिष्ठता के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया है। जिसके चलते डीआईजी के पद पर एसएस तिग्गा का प्रमोशन जायज नहीं है। वरिष्ठता क्रम में सीनियर रहे अमित शांडिल्य को डीआईजी बनाया जाए।