गरीबों के राशन में सेंधमारी: अध्यक्ष, सचिव और सेल्समैन भेजे गए जेल
जयश्रीनगर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक पीव्ही 43 में लाखों रुपये के खाद्यान्न और शासकीय राशि के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया।
कांकेर। जयश्रीनगर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक पीव्ही 43 में लाखों रुपये के खाद्यान्न और शासकीय राशि के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली, जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों की जीवनरेखा मानी जाती है, उसी व्यवस्था में हुए इस घोटाले ने विभागीय निगरानी और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में गबन प्रमाणित होने के बाद पखांजुर पुलिस ने महिला विकास स्व सहायता समूह पीव्ही 43 जयश्रीनगर की अध्यक्ष, सचिव और तत्कालीन विक्रेता के खिलाफ मामला दर्ज करते तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेजा गया।
पखांजुर में पदस्थ खाद्य निरीक्षक मुकेश कुमार साहू शासकीय उचित मूल्य दुकान जयश्रीनगर का भौतिक सत्यापन किया। जयश्रीनगर पखांजूर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन तत्कालीन संचालक एवं विक्रेता द्वारा स्वयं सहायता समूह पीव्ही 43 जयश्रीनगर के द्वारा किया जा रहा था। शासकीय उचित मूल्य दुकान में 31 मार्च 2025 एवं 19 अगस्त 2025 की स्थिति में किए गए सत्यापन के अनुसार, चावल किए गए सत्यापन के अनुसार, चावल 312.99 क्विंटल, शक्कर 5.41 क्विंटल, नमक 2.53 क्विंटल, चना 7.17 क्विंटल तथा गुड़ 5.74 क्विंटल गायब था।
संचालक एवं विक्रेता द्वारा शेष खाद्यान्न का सही हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया
खाद्य निरीक्षक की रिपोर्ट में बताया कि, संचालक एवं विक्रेता द्वारा शेष खाद्यान्न का सही-सही हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया। न तो निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न जमा किया गया और न ही उसके बदले शासकीय राशि जमा कराई। खाद्यान्न वितरण में गंभीर अनियमितता बरती गई और हितग्राहियों को उनके अधिकार का पूरा राशन नहीं मिल सका।
10 लाख 51 हजार का हुआ गबन
खाद्य निरीक्षक की जाँच में खुलासा हुआ कि खाद्यान्न के साथ-साथ शासकीय राशि का भी गबन किया गया। चांवल की कीमत 3,911.55 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 9,97,406.13 रुपये, शक्कर 3,804.75 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 20,583.70 रुपये, नमक 1,038.63 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 2,627.74 रुपये तथा गुड़ 5,304.30 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कुल 30,446.68 रुपये का गबन दर्शाया गया है। इस प्रकार कुल 10,51,064.25 रुपये मूल्य के खाद्यान्न का गबन होना बताया गया है। इसके अतिरिक्त एपीएल श्रेणी के हितग्राहियों की टोकन डिपॉजिट राशि 34,343.74 रुपये भी जमा नहीं कराया गया। जांच के दौरान दुकान से संबंधित रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किए गए और न ही हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण का समुचित विवरण दिया गया।