हरिभूमि-आईएनएच का सार्थक संवाद: सीएम साय ने कहा- 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ से खत्म होगा नक्सलवाद

Exclusive : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से हरिभूमि और आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने 'सार्थक संवाद' में ख़ास बातचीत की।

Updated On 2026-01-26 12:31:00 IST

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आईएनएच-हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी की सार्थक चर्चा 

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हरिभूमि के मंच से बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि प्रदेश में नक्सलवाद का खात्मा 31 मार्च 2026 तक जरूर हो जाएगा। प्रदेश के जवानों के हौसले को सलाम करते हुए श्री साय ने कहा कि बस्तर में केंद्र सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ सरकार विकास की संरचनाओं पर ध्यान दे रही है, इसलिए ही वहां की जनता हम पर भरोसा कर रही है और हम उनके लिए काम भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, बिलासपुर के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं होगी। सरकार शिक्षा स्वास्थ्य के साथ ही हवाई सेवा पर भी पूरा ध्यान दे रही है। सीएम साय ने एक और बड़ी घोषणा भी पूरा ध्यान दे रही है। सीएम साय ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना में नई पात्र महिलाओं को जोड़ा जाएगा जिससे की अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके। सीएम श्री साय ने यह घोषणाएं हरिभूमि के सार्थक संवाद कार्यक्रम के दौरान की। इस कार्यक्रम का आयोजन बिलासपुर के पं देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में किया गया था। हरिभूमि आईएनएच के प्रधान। संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने इस अवसर पर प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।


Full View

डॉ. द्विवेदी- आपको जनता और पार्टी दोनों का विश्वास मिलता है, यह सामंजस्य आखिर कैसे बिठाते हैं?
मुख्यमंत्री- जनता के बीच लगातार रहने और उनके सुख-दुख में काम आने के कारण उनका प्यार शुरू से मिलता रहा है। यही कारण रहा की पंच से लेकर सरपंच और फिर विधायक और सांसद तक का सफर तय किया और अब मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस बीच पार्टी ने जो भी दायित्व सौंपा उसे ईमानदारी से पूरा करने का प्रयास किया और उम्मीद पर खरा उतरा। आज भी अपने आप को एक कार्यकर्ता ही पाता हूं और सरल सहज रहने की कोशिश करता हूं।

डॉ. द्विवेदी- दिलीप सिंह जूदेव से कैसे मुलाकात हुई और उनसे इतनी आत्मियता कैसी रही ?
मुख्यमंत्री- राजपरिवार से मेरा पुराना नाता रहा है और इसी कारण दिलीप सिंह देव के करीबी रहा। वह एक आकर्षक व्यक्तित्व के मालिक थे और उनसे जो भी मिलता वह उनका ही होकर रह जाता था। 1947 में जब देश आजाद हुआ उस समय सीपी बरार स्टेट हुआ करता था। उस दौरान आरक्षित सीट से हमारे दादा और अनारक्षित सीट से दिलीप सिंह जी के परिवार के लोग मनोनित हुए थे। तब से लेकर लगातार उनसे संपर्क बना हुआ था। दिलीप सिंह जुदेव की याददाश्त बहुत तेज थी और हमेशा वह सभी के बारे में सोचते थे।

डॉ. द्विवेदी- 2019 में बिना लड़े आपका कैसे टिकट काट दिया गया था ?
मुख्यमंत्री- 2018 के विधानसभा चुनाव में जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बहुमत मिला और भाजपा 15 सीटों पर सिमट गई थी तब एक झटका लगा था 12019 में जब लोकसभा चुनाव हो रहा था उसे समय रायगढ़ में हमारे घर में ही बैठक चल रही थी। उस समय मुझसे पूछा गया तो बोला कि पार्टी जो फैसला लेगी उसमें हमारी मंजूरी है। इसलिए ही बदलाव किया गया। पार्टी ने मुझे उम्मीद से ज यादा दिया है इसके लिए हमेशा आभारी रहेंगे और पार्टी की जो भी आज्ञा होगी पूरा करेंगे।

डॉ. द्विवेदी- राज्य बने 25 साल हो गए हैं, इस सफर को किस रूप में देखते हैं ?
मुख्यमंत्री- पिछले 25 सालों में 17 साल भाजपा की सरकार रही और 8 साल कांग्रेस की। 17 सालों में हमने बेहतर करने का काम किया जबकि कांग्रेस की नीतियां गलत थी इस कारण राज्य के लोगों को भुगतना पड़ा। पिछले 25 सालों में हालांकि छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक विकास हुआ है। खास तौर पर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की सोच के कारण पीएम सड़क योजना लागू हुई। इसी कारण हर गांव तक सड़क की सुविधा पहुंच चुकी है और आवागमन सुचारू हो चुका है। पहले राज्य में एक मेडिकल कॉलेज था अब 14 मेडिकल कॉलेज हैं। इसके साथ ही 20 विश्व विश्वविद्यालय भी खुल चुके हैं। पहले भुखमरी हुआ करती थी आज सभी को राशन मिल रहा है। डॉ रमन सिंह जब मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने खाद्यान्न सुरक्षा प्रणाली लागू की। पीडीएस की व्यवस्था ठीक की, इसलिए उन्हें चाउर वाले बाबा भी कहा जाता है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर जनता को हर सुविधा देना चाह रही है और इस दिशा में काम हो रहा है।

डॉ. द्विवेदी- 2023 में जब भाजपा को बहुमत मिला तो उम्मीद थी की मुख्यमंत्री बनेंगे?
मुख्यमंत्री- कभी किसी पद की लालसा नहीं रही। पार्टी ने जो मुझे अब तक दिया है उसके लिए धन्यवाद। अर्जुन मुंडा उस समय चुनाव पर्यवेक्षक बनकर आए थे। सभी लोगों की बैठक रायपुर में हुई थी और उस समय विधायक दल का नेता चुना जाना था। भाजपा में सब एक सिस्टम से काम होता है और इस बैठक में मुझे विधायक दल का नेता चुना गया और मुख्यमंत्री बना। भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है। यहां चाय वाला भी पीएम बन सकता है और एक गरीब घर का लड़का भी सीएम बन सकता है। संगठन सबसे महत्वपूर्ण है।

डॉ. द्विवेदी- मुख्यमंत्री के रूप में अपने इस 2 साल के कार्यकाल को कैसे देखते हैं?
मुख्यमंत्री- पिछले 2 साल कैसे बीता पता ही नहीं चला। इस बीच बेहतर काम करने की पूरी कोशिश रही। चुनाव प्रचार के दौरान मोदी की गारंटी लागू करने की बात हुई थी उसे पूरा किया गया है। कांग्रेस सरकार ने 18 लाख लोगों का घर छीना था। भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहला काम यही किया गया। 18 लाख पीएम आवास बनाने का वादा करते हुए पूरा किया गया। इसमें से 8 लाख लोगों का गृह प्रवेश हो चुका है। 3 लाख लोग तो बिलासपुर में ही पीएम नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान गृह प्रवेश कर चुके हैं। इसके साथ ही 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की जा रही है तो प्रति एकड़ 3100 रुपए का भुगतान भी किया जा रहा है। अंतर की राशि भी दो साल से दे रहे हैं। 70 लाख से अधिक महिलाओं को 23 किश्त में 15 हजार करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है। विकास का पैमाना इसी बात से तय कर सकते हैं कि पहले 20 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक पढ़ने के लिए आना जाना पड़ता था। आज हर गांव में स्कूल खुल गए हैं। हायर सेकेंडरी तक की पढ़ाई नि : शुल्क हो रही है।

डॉ. द्विवेदी- गृहमंत्री अमित साह ने 31 मार्च 2026 तक छग को नक्सलमुक्त करने का दावा किया है, क्या स्थिति है?
मुख्यमंत्री- पहले की सरकारों ने नक्सलियों के खात्मे पर ध्यान नहीं दिया। खास तौर पर कांग्रेस की सरकार ने इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। अब राज्य की भाजपा सरकार को केन्द्र का सहयोग मिल रहा है। डबल इंजन की सरकार मिलकर इस दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह की इच्छा शक्ति के साथ ही जवानों के हौसलों के कारण नक्सलवाद खात्मे की ओर है। देखा जाए तो आज हमारे पास जवान वही है, संसाधन भी वही है फिर भी इच्छा शक्ति है इसलिए टास्क फोर्स के साथ मिलकर नक्सलवाद खो खत्म किया जा रहा है। आज कभी घायल जवानों से मिलने जाते हैं तो वह कहते हैं कि हम फिर से ठीक होकर लड़ाई लड़ेंगे और नक्सलियों को खत्म करेंगे। इसी हौसलों के कारण कई बड़े नक्सलियों को मार गिराया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों से आह्वान भी किया है कि वह मुख्यधारा में लौट आएं। नक्सिलयों के लिए बेहतर पुनर्वास नीति भी लागू की गई है। 25 हजार से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया है। बस्तर क्षेत्र के 400 गावों में सबसे सुंदर गांव योजना लागू की गई है। जिस क्षेत्र में पहले कोई जाता नहीं था वहां भी लोग पहुंच रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर क्षेत्र के अंदरूनी गांव में बिजली, पानी सड़क पहुंच रही है। अस्पतालस स्कूल खोले जा रहे हैं। जहां राशन के लिए पहले तीन-तीन दिन तक लाइन लगती थी अब वहां आसानी से राशन पहुंच रहा है। बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया इसमें तीन लाख 91 हजार लोगों ने भाग लिया। बस्तर उत्सव का भी आयोजन हो रहा है जिसमें 47 हजार लोग भाग लेंगे।

डॉ.द्विवेदी- सरकार की एक बड़ी योजना महतारी वंदन से क्या नई महिलाओं को जोड़ जाएगा?
मुख्यमंत्री-
बिलकुल जोड़ा जाएगा। इस बारे में नए सिरे से सर्वे भी कराया जाएगा। जो भी युवतियां 18 साल की हो गई होंगी और पात्रता की श्रेणी में होंगी उन्हें इस महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जाएगा। जिससे की अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके। अभी तक 23 किश्तों में 70 70 लाख से अधिक महिलाओं को 15 हजार करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

पंच से मुख्यमंत्री तक
मुख्यमंत्री से जब राजनीतिक पूछा गया तो उन्होंने मार्मिक कहानी बताई। सफर के बारे में अपनी बचपन में पिता का साया छिन गया। बड़े पुत्र के नाते मेहनत कर खेती किसानी में ध्यान लगाया। पढ़ाई लिखाई की। फिर बड़े होने पर लोगों ने कहा गांव के पंच बन जाओ। इसके बाद लोगों ने ही सरपंच के लिए कहा। इसके बाद विधायक भी बन गया। जनता का प्यार है जो लगातार चार बार सांसद भी बना और गांव के करीब का बेटा मुख्यमंत्री भी बन गया। सवाल के जवाब में उन्होंने कहा इस पार्टी में चायवाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है।


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