बाल संरक्षण पर प्रशिक्षण: बेमेतरा के 7 नवाचारी शिक्षक हुए शामिल, पैरेंटिंग एक्सपर्ट्स से सीखे बच्चों की देख रेख के गुर
राजधानी रायपुर के निमोरा में शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया है।
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के निमोरा में शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया है। यह प्रशिक्षण राज्य बाल संरक्षण समिति द्वारा बच्चों की देखरेख व संरक्षण के लिए बेमेतरा जिले के 7 नवाचारी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने लिया। इस कार्यक्रम में दुर्ग संभाग के प्रशिक्षकों के साथ पेरेंटिंग एक्सपर्ट (पालन पोषण विशेषज्ञ) चिरंजीवी जैन ने विशेष चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान चिरंजीवी जैन ने बच्चों के मानसिक विकास, सकारात्मक पालन पोषण, भावनात्मक सहयोग और व्यवहार संबंधी समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी।
इसी कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के देखरेख व संरक्षण से संबंधित नियमों के संबंध में स्कूली बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से 29 जनवरी से 31जनवरी तक मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण निमोरा रायपुर में आयोजित किया गया। इसमें बेमेतरा जिला के 7 शिक्षक शिक्षिकाओं ने भाग लिया। इन सभी शिक्षकों को बाल संरक्षण समिति के द्वारा पालक, शिक्षक और जनमानस तक बच्चों के शोषण और सुरक्षा को समझने के लिए जागरूकता फैलाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दिया गया। और बच्चों के अधिकार की जानकारी देते हुए, बच्चों और पालकों को शोषित होने से बचाना है। साथ ही शासन से प्राप्त अनेक नियम, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं जीवन जीने के लिए आवश्यक हैं। उसे हर व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मास्टर ट्रेनर्स के लिए हर विकासखंड के दो शिक्षकों चयन
जिले से मास्टर ट्रेनर्स के लिए प्रत्येक विकासखंड के दो शिक्षकों चयन किया गया था। जिसमेें नवाचारी शिक्षिका मीनाक्षी सोनी, काशीराम लिलहरे, चंदा सिन्हा, तरुण साहू, सागरिका यादव, मनोज वर्मा, सुकन्या राजपूत, शामिल रहे। इन मास्टर ट्रेनर्स कों यह बताया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु जागरूकता होना अत्यंत आवश्यक है।